नीमच। उज्जैन में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल ने खरीफ 2024 की तैयारियों, क्लस्टर विकास, खाद-बीज वितरण और जैविक खेती समेत विभिन्न कृषि व सहायक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, प्रमुख सचिव कृषि एन. शैलवेन्द्रम, संभागायुक्त संजय गुप्ता सहित कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
वर्णवाल ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके उर्वरकों के प्रचार, गेहूं की पोषक वैरायटी (जैसे बकुला, हर्षा, ओजस्वी) को प्रोत्साहन, स्प्रिंकलर सिंचाई के विस्तार और मृदा परीक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी बोर्ड, सहकारी बैंक और फर्टिलाइज़र वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डबल लॉक केंद्रों के आधुनिकीकरण व रेक पॉइंट से समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने को कहा।
अनुपम राजन ने क्लस्टर विकास के तहत सभी जिलों को एक-एक परियोजना भेजने और खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को AIF योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल व गिरदावरी डेटा की विसंगतियों को दूर करने की बात कही।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु नस्ल सुधार, सॉर्टेड सीमेन के प्रयोग और दुग्ध उत्पादकों को केसीसी दिलाने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री गौसेवा योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन व डेयरी प्लस योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
मत्स्य पालन विभाग को तकनीकी प्रशिक्षण, स्मार्ट फिश पार्लर की स्थापना जैसे सुझाव दिए गए। संभागायुक्त संजय गुप्ता ने प्रमुख मंदिरों में दुग्ध उत्पादों को प्रसाद के रूप में वितरित करने का प्रस्ताव रखा।