झाबुआ। प्रति वर्ष 19 जून को सिकल सेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। कलेक्टर नेहा मीना के मार्गदर्शन में धरती आबा जन भागीदारी अभियान अंतर्गत 15 जून से 30 जून तक चलाये जाने वाले शिविरों के माध्यम से सिकल सेल बिमारी हेतु परामर्श देकर आमजन को जागरूक किया जायेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को सिकल सेल जैसी घातक अनुवांशिक रोग के प्रति आमजन को सजग करना और रोकथाम के लिए जागरूकता लाना। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी एस बघेल के द्वारा बताया गया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। निःशुल्क रक्त जांच शिविर लगाकर हिमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस टेस्ट का महत्व बताया जाएगा।
क्या है सिकल सेल रोग-
सिकल सेल रोग एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें रक्त की लाल कोशिकाएं अर्द्धचन्द्राकर की हो जाती है और शरीर में आक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे मरीज को थकान, तेज दर्द, रक्ताल्पता, हड्डियों की समस्याएं और अंग विकृति हो सकती है। यह स्थिति कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है। इसलिये इस बिमारी को यदि समय रहते पहचाना जाए और सही जानकारी हो तो इसे अगली पीढ़ियों तक फैलने से रोक सकते है।
19 जून को जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा-
जिले में चिन्हांकित सिकल सेल पॉजिटीव मरीजों का पुनः स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार प्रदाय किया जायेगा। हाइड्रोक्सी यूरिया, जेनेटिक काउसेलिंग कार्ड, फालोअप कार्ड वितरित किये जायेंगे एवं पात्रता अनुसार दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवा कर वितरित किये जायेंगे। साथ ही पात्रता अनुसार अन्य शासकीय हितों का लाभ भी प्रदाय किया जायेगा।