रतलाम। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण को लेकर रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचे सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि अभी तो हम कम लोग आए हैं, बाहर बैठे है। अगर एक माह में समस्याओं का हल नहीं होता है तो इससे भी ज्यादा लोग आएंगे। सीधे कलेक्टर के चौंबर में घुसेंगे। जब चौंबर में घुसेंगे तो पसीना ला देंगे। शिकायतों के लेटर की माला पहनाएंगे। गोबर, कीचड़ जो भी लाना है वह लाएंगे।
विधायक डोडियार सैलाना विधानसभा व रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। सीएम के नाम 29 बिंदुओं का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर प्राची हरित को सौंपा।
पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा के नेतृत्व में ग्रामीण कोर्ट चौराहा पर एकत्र हुए। यहां से सैलाना विधायक डोडियार के साथ पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। महिला-पुरुष जय जोहार का नारा है, भारत देश हमारा है, जल जमीन की रक्षा कौन करेगा हम करेंगे, जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है आदि नारों की तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी करते शामिल हुए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमीन पर बैठ गए। यहां पर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य चंदू मईड़ा, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा प्रदेश संयोजक दिनेश माल आदि मौजूद रहे।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि
शासन प्रशासन आदिवासी क्षेत्रों को अनदेखा कर रहा है। कई मूलभूत समस्याएं है। पूर्व में कई बार ज्ञापन सौंपा। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। अगले माह फिर से बड़ी संख्या में आएंगे।
आगे हम बहुत कुछ बड़ा करेंगे
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक डोडियार ने कहा कि हमने अधिकारियों को कह दिया है कि सारी समस्याओं का समाधान जल्दी से जल्दी से करना। नहीं करोगे तो आगे हम बहुत कुछ बड़ा करेंगे। आज तो हमने बाहर बैठकर ज्ञापन दिया। आवेदन-निवेदन किया है। अगली बार ज्यादा लोग आएंगे।
सीधे कलेक्टर के चौंबर में जाएंगे। कलेक्टर का चौंबर छोटा है। जब अधिक संख्या में अंदर घुसेंगे तो क्या होगा उन्हें पसीना आ जाएगा। उनकी मजबूरी हो जाएगी यह लोग बार-बार नहीं आना चाहिए। वह खुद समाधान कर देंगे। इनका निराकरण करो यह लोग तो अलग टाइप के है।
मैं भी एक लेटर लिखूंगा। जो ज्ञापन दिया है उसके 24 पाइंट के अलग-अलग लेटर लिखेंगे। कल पहुंचा दूंगा। अगर निराकरण नहीं किया तो आने वाले एक माह में एक बार फिर आ जाएंगे। सभी लेटर की माला बनाकर लाएंगे कलेक्टर को पहनाकर स्वागत करेंगे। अब आप सोचो कोई कलेक्टर बेइज्जती का शिकार होना चाहेगा क्या। वह समाधान कर देंगे। नहीं होगा कोई दूसरा तरीका निकालेंगे दिमाग से।
हम आंदोलनकारी पढ़े लिखे है- विधायक
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि बारिश हो गई है। बारिश के बाद बुनियादी समस्या हो जाती है। आदिवासी इलाकों में ठगी भी हो रही है खाद व कीटनाश समेत तमाम प्रकार की समस्याओं के निराकरण को लेकर ज्ञापन दिया है।
विधायक ने कहा कि हम आंदोलनकारी लोग है। जैसे-जैसे हमारे दिमाग में चीजे आती जाएगी चाहे माला पहनाना पड़े, गोबर लाना पड़े कुछ भी लाना पड़ेगा। बारिश का समय है कीचड़ हो जाएगा तो कीचड़ भी लेकर आएंगे। जो भी होगा कानून के दायरे होगा। हम आंदोलनकारी लोग है, पढ़े लिखे है इसलिए हम आंदोलन करना जानता है। कलेक्टर के चौंबर में भी बड़ी संख्या में जाएंगे।