सरवानिया महाराज। शहर के राजमहल रावला में पांच दिवसीय सत्संग चल रहा है। सत्संग मंहत अनुभव दास महाराज के श्री मुख से चल रहा है। आयोजक महाराज कृष्णराज सिंह राणावत, श्रीधर राज सिंह राणावत परिवार है। सत्संग दिनांक 15 जुन से 19 जुन 2025 तक प्रतिदिन प्रातः काल 9:30 बजे से तथा शायंकाल 5: 00 बजे से 7:00 बजे तक चलता है। सत्संग में श्री अनुभव दास महाराज ने कहा कि राम नाम की भक्ति नहीं की तो चौरासी योनि मे जाना पड़ेगा , गलत कर्म करने वाले राम राम नहीं बोलते उन्हें राम के नाम और संत महात्मा से परहेज़ है। आज का इंसान अपनी पत्नी का त्याग कर पर स्त्री गमन करता है। यही समझ आजाता है कि उक्त व्यक्ति स्वर्ग जायेगा या नर्क।
सत्संग में वही जाता है जिसको अपना सुधार करना है। इस बीच महाराज श्री के गीत , मन नेकी कर ले दो दिन का मेहमान की सुंदर प्रस्तुति ने खूब दाद बटोरी। श्री अनुभव दास महाराज ने कहा कि राम नाम की भक्ति नहीं की तो फिर इस संसार में आकर क्या किया।
भोलेनाथ शंकर भगवान ने जहर को गले में इसलिए रोका की पेट के अंदर परमात्मा बेटे हैं। जहर पीकर परमात्मा को थोड़ी मारना है। छोटे मोटे झगड़ें और तनाव के चलते लोग आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं जिसे हमसब को रोकने के सामुहिक प्रयास करना होगा। आत्महत्या सबसे बड़ा पाप है।
जब यह शरीर छुटेगा तब यह आत्मा चित् मन बुद्धि अंहकार स्वभाव के साथ दुसरे शरीर में जायेगा और ऐसा ही वो दुसरे शरीर को बना देगा। जो व्यक्ति नशे के गुलाम हो गए हैं वो नशा करने के लिए पचास तरह के बहाने बनाते हैं।
महाराज श्री ने गूरु की महिमा को बताते हुए कहा कि गुरु का जीवन में होना अनिवार्य है। जब तक गुरु नहीं मिलते तब तक दुसरा जन्म नहीं होता। सत्संग तो है अमर जड़ी। सत्संग में बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं तथा पुरुष उपस्थित होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।