BREAKING NEWS
KHABAR : नयागांव में नागपंचमी पर निकली नागराज की.. <<     BIG NEWS : नीमच-मंदसौर का बढ़ा गौरव, आगामी अफीम नीति.. <<     KHABAR : नागपंचमी पर सरवानिया महाराज में उमड़ा.. <<     KHABAR : सावरकर पर प्रश्न पूछना अपराध नहीं, शिक्षक.. <<     KHABAR : कुकड़ेश्वर में नाग पंचमी पर्व धूमधाम से.. <<     BIG NEWS : बंसीलाल गुर्जर को भाजपा किसान मोर्चा का.. <<     BIG NEWS : सावन सोमवार पर नगर भ्रमण पर निकले भगवान.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : 11 प्रमुख श्रम मांगों को लेकर भामसं ने किया.. <<     REPORT : मेघनगर में पनीर निर्माण इकाई पर खाद्य.. <<     KHABAR : नर्सिंग विद्यार्थियों ने शुरू किया.. <<     BIG NEWS : हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर, नगर.. <<     खरगोन में भक्तों का हाल जानने निकले.. <<     NEWS : श्री कुमावत विकास एवं सेवा संस्थान ने किया.. <<     VIDEO NEWS: नीमच के राजा किलेश्वर महादेव की शाही.. <<     NEWS : भारत का विभाजन अप्राकृतिक है, भारत पुनः.. <<     कांवड़ियों के बीच जमकर थिरके कालापीपल.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 17, 2025, 8:07 pm
KHABAR : 21 जून को होगा 11 वा अंतराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन, योग स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है, एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए करें योग, पढ़े खबर

Share On:-

मंदसौर। जिला आयुष अधिकारी डॉ कमलेश धनोतिया द्वारा बताया गया कि 21 जून 2025 को ग्यारहवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के  विषय पर संपूर्ण  विश्व में वसुधैव कुटुंबकम की भावना से एक साथ मुख्य समारोह में मनाया जाएगा। योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है। योग चित्त वृत्ति निरोध: चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग कहलाता है। योग स्वस्थ जीवन की कला एवं विज्ञान है योग अभ्यास शरीर एवं मन ,विचार एवं कर्म ;आत्म संयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य प्रदान करता है। योग केवल व्यायाम नहीं है बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक होता है। योग एक विज्ञान है जो शारीरिक मानसिक आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहने का ज्ञान करता है यह किसी प्रजाति आयु लिंग धर्म जाति के प्रतिबंधन से मुक्त है। योग के अनुसार अधिकांश रोग मानसिक मनो शारीरिक एवं शारीरिक होते हैं जो सोच विचार रहन-सहन तथा खान-पान की गलत आदतों के कारण मन में उत्पन्न होते हैं जिसका कारण स्वयं से लगाव है योग का मुख्य उद्देश्य जीवन की सभी परिस्थितियों में तार्किक सकारात्मक तथा आध्यात्मिक विचारधारा से जीवन शैली में सुधार लाना है। योग साधनाओं में यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि बंध मुद्रा एवं षट्कर्म युक्तआहार मंत्र जाप युक्त कर्म आदि साधनाओं का अभ्यास सबसे अधिक किया जाता है। यम प्रतिरोधक एवं नियम अनुपालन है इन्हें योग अभ्यास के लिए पूर्व अपेक्षित एवं अनिवार्य माना गया है, आसन का अभ्यास शरीर एवं मन में स्थायित्व लाने में सक्षम है, प्राणायाम श्वास प्रश्वास प्रक्रिया का  सुव्यवस्थित एवं नियमित अभ्यास है ,यह मन पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायता करता है प्रत्याहार के अभ्यास से व्यक्ति स्वयं की इंद्रियों के माध्यम से सांसारिक विषय का त्याग कर अपने मन तथा चैतन्य केंद्र के एकीकरण का प्रयास करता है ,धारणा का अभ्यास मनोयोग के व्यापक आधार क्षेत्र के एकीकरण का प्रयास करता है यह एकीकरण बाद में ध्यान में परिवर्तित हो जाता है और इसी ध्यान में चिंतन (शरीर एवं मन के भीतर केंद्रित ध्यान)एवं एकीकरण रहने पर कुछ समय पश्चात समाधि की अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के एक दशक पूर्ण होने पर काउंटडाउन का आयोजन किया जा रहा है इस संबंध में आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। योग समावेशन के अंतर्गत दिव्यांगों ,बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग कार्यक्रम रखा गया है। इसका उद्देश्य योग के लिए समावेशिता एवं सुलभता को बढ़ावा देना है।  

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE