छतरपुर। आदिमजाति कल्याण विभाग अंतर्गत जिले भर में संचालित छात्रावासों में कार्यरत श्रमिकों ने आज अपनी मांगों को लेकर पहले जनसुनवाई में प्रदर्शन किया और फिर आदिमजाति कल्याण विभाग के कार्यालय का घेराव कर एकाउंटेंट रामबाबू शुक्ला और संयोजक प्रियंका राय पर गंभीर आरोप लगाएं है श्रमिकों का कहना है कि एकाउंटेंट रामबाबू शुक्ला बिल भुगतान करने के ऐवज में मोटे कमीशन की मांग करते हैं, इस दौरान आक्रोशित लोगों ने प्रियंका राय मुर्दाबाद के नारे भी लगाए हम आपको बता दें श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान प्रियंका राय अपने चौंबर में नहीं थी श्रमिकों के जिलाध्यक्ष हीरालाल प्रजापति के नेतृत्व में सभी श्रमिक एक बार फिर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे और कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड गए मामला बिगड़ता देख छतरपुर तहसीलदार संदीप तिवारी मौके पर पहुंचे मौके पर मौजूद श्रमिकों ने सिर्फ छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मिलने की मांग करते हुए उन्हें अपनी समस्या बताने की बात कही पूरे मामले में छतरपुर तहसीलदार ने श्रमिकों की कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात करवाई कलेक्टर जायसवाल ने श्रमिकों के मासिक पारिश्रमिक के भुगतान मे होने वाली विसंगति को दूर करने का आश्वासन दिया और मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ से करवाने की बात कही।
आदिमजाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों में कार्यरत श्रमिकों को पहले 8400 रुपए प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जा रहा था जबकि अब वर्तमान माह में महज 5000 रुपए प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है जो कि समझ से परे है अब देखना होगा कि श्रमिकों के भुगतान से जुड़ी समस्या का समाधान कब तक होता है।