शाजापुर। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) शाजापुर की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में निर्णय सुनाते हुए आरोपी बद्रीलाल पिता गणपत (उम्र 22 वर्ष), निवासी ग्राम रिजावता, थाना मो. बड़ोदिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
प्रकरण के संबंध में अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता के भाई द्वारा थाना मो. बड़ोदिया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 07 जनवरी 2021 की रात्रि लगभग 2:30 बजे वह खेत पर पानी देने चला गया था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घर पर सो रहे थे। सुबह 7:30 बजे घर लौटने पर उसकी मां ने बताया कि उसकी बहन रात्रि में घर पर नहीं थी। आसपास तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चला।
इस संबंध में उसने थाना मो. बड़ोदिया में सूचना दी, जिस पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना आरंभ की। जांच के दौरान पीड़िता को इंदौर के पास भांग्या स्थित ईंट भट्टे से बरामद किया गया, जहां वह आरोपी बद्रीलाल के साथ थी। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि 6 जनवरी 2021 की रात करीब 11:30 बजे बद्रीलाल उसके घर के बाहर आया और उसे मिलने के लिए बुलाया। जब वह बाहर गई तो बद्रीलाल ने उसके मुंह पर कपड़ा बांधा और हाथ पकड़कर जबरन पैदल सारंगपुर बस स्टैंड ले गया। वहां से वह उसे बस में बैठाकर इंदौर ले गया, जहां एक ईंट भट्टे पर बनी झोपड़ी में एक रात रखा और उसके साथ बलात्कार किया।
अगले दिन आरोपी उसे उज्जैन ले गया, जहां एक मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर उसे रखा और वहां भी कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। सम्पूर्ण विवेचना के पश्चात आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस गंभीर मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।