हरदा। टिमरनी तहसील मुख्यालय में टी-आकार के रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बने अंतिम अतिक्रमण को मंगलवार को प्रशासन ने हटा दिया। इस दौरान एक मां-बेटी ने वहां दैवीय शक्ति का हवाला देते हुए विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई पूरी की।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह वार्ड नंबर एक में रेलवे पटरी पर बन रहे ब्रिज के निर्माण स्थल पर जब प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीन के साथ पहुंचा, तो एक परिवार की महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। उनका दावा था कि यहां 30 वर्षों से दो देवियों का स्थान है।
बेटी ने चिल्लाकर कहा, ष्जिसकी तुम पूजा करते हो, उसका स्थान नष्ट कर रहे हो।ष् आधे घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जेसीबी से अतिक्रमण हटा दिया।
ओवरब्रिज निर्माण में बाधक बन रहा था अवैध निर्माण
बता दें कि, टिमरनी से पोखरनी-करताना मार्ग पर बन रहे इस ओवरब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग कर रहा है। अतिक्रमण के कारण न केवल निर्माण कार्य रुका हुआ था, बल्कि वार्ड 1 और 2 का आवागमन भी बाधित था। आधे घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई पूरी कर ली।
एसडीएम महेश बड़ोले ने बताया कि ब्रिज निर्माण में बाधक 35 में से 34 अतिक्रमण पहले ही हटाए जा चुके थे। प्रभावित लोगों को 29 मई को पीपल्या माफी में मुक्तिधाम के पास जगह आवंटित की गई है, जहां 15 फीट चौड़ा रास्ता भी दिया गया है। कई लोगों ने नई जगह पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।