बदनावर। बिजली कंपनी के दो आउटसोर्स कर्मचारियों की मौत के मामले में गुरुवार को आदिवासी समाज ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
पहली घटना 6 मई को हुई, जब मुकेश भूरिया की नगर के ग्रिड पर करंट लगने से मौत हो गई। दूसरी घटना 16 जून को सामने आई, जब तिलगाय निवासी पंकज मुनिया की कठोड़िया में 11 केवी हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई।
पंकज मीटर रीडिंग और बिल वसूली का काम करता था। विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए समाज ने कहा कि कर्मचारियों को न तो सुरक्षा उपकरण दिए गए और न ही उचित प्रशिक्षण। बीमा सुविधा और निगरानी की भी कमी है।
सुरक्षा उपकरण, बीमा और नियमित प्रशिक्षण की मांग
आदिवासी समाज ने दोनों मृतक कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की भी मांग की गई है। समाज ने सभी आउटसोर्स हेल्परों को सुरक्षा उपकरण, बीमा और नियमित प्रशिक्षण देने की मांग भी रखी है। दोनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। तहसीलदार सुरेश नागर को दिए गए ज्ञापन के समय बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।