भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट, जिला कोर्ट, फैमिली कोर्ट सहित सभी अदालतों में अब दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी खत्म कर दी है। सामान्य दिनों की तरह इन दोनों शनिवार के दिन भी अदालतें लगेंगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पक्षकारों को बड़ा फायदा होगा। वहीं वकीलों को भी राहत मिलेगी। हाई कोर्ट में आमतौर पर एक कामकाजी दिन में दो हजार के करीब मामलों की सुनवाई होती है।
अधिवक्ता वरुण रावल के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार अवकाश समाप्त किए जाने की व्यवस्था 14 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी।
अभी 200 दिन होता है काम
हाई कोर्ट में एक महीने का ग्रीष्मकालीन अवकाश, दशहरा व दीपावली की करीब 20 दिन की छुट्टी, शनिवार और रविवार को मिलाकर को करीब 165 दिन अवकाश रहता है। 200 दिन अदालतों में सुनवाई होती है। दूसरे व चौथे शनिवार की छुट्टी खत्म होने से सुनवाई के 24 दिन और बढ़ जाएंगे।
लगातार कर रही शीर्ष अदालत प्रयास- हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित अपीलों को निराकृत करने के लिए शाम के समय अदालत लगाने, रिटायर्ड जजेस की सेवाएं लेने की बात भी कही थी। हालांकि किसी भी हाई कोर्ट द्वारा रिटायर्ड जजेस के नाम सुप्रीम कोर्ट को नहीं भेजे गए। तत्कालीन चीफ जस्टिस रवि मलिमठ ने भी लंबित मामलों के लिए कोर्ट का समय जल्दी शुरू करने की व्यवस्था शुरू की थी।