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June 20, 2025, 4:43 pm
BIG REPORT : राज्यपाल ने टीएनसीपी एक्ट संशोधन को मंजूरी दी, सरकारी एजेंसी लैंड पुलिंग से शुरू कर सकेगी 500 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स, पढे़ खबर 

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भोपाल। इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी लाने के बाद राज्य सरकार अब लैंड पुलिंग के जरिए 500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स ला सकेगी। नगर व ग्राम निवेश अधिनियम में इसको लेकर किए गए संशोधन को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब किसानों की जमीन लेकर कोई भी प्राधिकरण या अन्य एजेंसी उसे डेवलप कर सकेगी और बगैर मुआवजा दिए भी प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकेगी। किसानों से जो जमीन ली जाएगी उसका पचास फीसदी हिस्सा डेवलप कर उसे लौटाया जाएगा।


मध्य प्रदेश नगर व ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधन को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। यह संशोधन एमपी नगर व ग्राम निवेश (संशोधन) अधिनियम 2025 है। शासन द्वारा किए गए संशोधन में अधिनियम की धारा 66 के बाद धारा 66 क का प्रावधान किया गया है। इसे नियम में जोड़ने के बाद राज्य सरकार को अगर यह जरूर लगता है कि किसी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को विशेष क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है तो इसके लिए विशेष क्षेत्र प्राधिकरण या शासकीय अभिकरण या सरकारी स्वामित्व वाली कम्पनी या स्थानीय निकाय को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का दर्जा दिया जा सकेगा। यह प्राधिकरण कभी नगर विकास से संबंधित योजना की घोषणा कर सकते हैं।


अब तक यह रही है व्यवस्था
नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 66 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में किसी विभाग या नगरीय निकाय द्वारा शुरू की जाने वाली अधोसंरचना विकास परियोजना के संबंध में है। यह अधिनियम भूमि अधिग्रहण और भूमि का विकास करने के लिए एक योजना को लागू करने का प्रावधान करता है। दूसरे शब्दों में धारा 66 विशेष क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास से संबंधित है जिसमें भूमि का एक हिस्सा भूमि मालिक को वापस किया जाता है। इस योजना को लैंड पुलिंग स्कीम के रूप में भी जाना जाता है। इसके बाद भूमि स्वामी को वापस दी गई विकसित भूमि का व्यवसायिक उपयोग करने की अनुमति होती है। इस अधिनियम में भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, और भूमि विकास से संबंधित अन्य प्रावधान भी शामिल हैं।


66 क से यह व्यवस्था भी होगी
विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के रूप में काम करने वाली अथारिटी लोक हित में अधोसंरचना विकास परियोजना क्षेत्र को अपने प्रभाव क्षेत्र में विकसित कर सकेगी। इसके लिए यह जरूरी होगा कि परियोजना का क्षेत्र 40 हेक्टेयर से अधिक हो या फिर प्रशासनिक अनुमोदन के बाद परियोजना की लागत 500 करोड़ रुपए से अधिक हो। यह अधिनियम एकीकृत टाउनशिप के विकास के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।


किसानों से जमीन लेकर विकास कर आधी भूमि लौटाएंगे
लैंड पुलिंग संबंधी नई व्यवस्था को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार की कोई भी एजेंसी किसानों से जमीन अधिग्रहीत कर उसका डेवलपमेंट करेगी और तय 40 हेक्टेयर से अधिक या 500 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट को शुरू करेगी और अधिग्रहीत जमीन का 50 फीसदी हिस्सा डेवलप कर किसान को लौटा देगी। इससे किसान भी समृद्ध हो सकेंगे और सरकार के विकास कार्यों में भी तेजी आ सकेगी।

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