शाजापुर। भारत सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस द्वारा फर्जी मोटर एक्सीडेंट क्लेम (ड।ब्ज् दावे) के मामलों में गंभीर अनियमितताओं को लेकर शाजापुर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर समीर कालरा एवं क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीनिवास सोलंकी ने एसपी यशपाल सिंह राजपूत और एडिशनल एसपी टी. एस. बघेल से मुलाकात की और फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे।
कई करोड़ के मोटर वाहन दावों में गड़बड़ी की आशंका-
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को प्राप्त तीन मोटर एक्सीडेंट दावों में संदेहास्पद गतिविधियां सामने आई हैं। इन मामलों की जांच के दौरान पाया गया कि जिन वाहनों के नाम पर बीमा दावे प्रस्तुत किए गए थे, वे घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। कंपनी द्वारा अपने स्वतंत्र इन्वेस्टिगेटर से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ये दावे कूट रचित और षड्यंत्रपूर्वक बनाए गए हैं।
कंपनी ने एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि कुछ ड्राइवर और वाहन स्वामी बार-बार अपने लाइसेंस और वाहनों को ऐसे फर्जी दावों में प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि वे वास्तविक दुर्घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं रखते। ऐसे में, बीमा कंपनी ने मांग की है कि इन ड्राइवरों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं और विधिक कार्यवाही की जाए। ऐसे वाहन स्वामियों के वाहन रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जाएं और वाहनों को जप्त कर राजसात किया जाए। फर्जी चश्मदीदों व क्लेम प्रस्तुतकर्ताओं पर सख्त कानूनी कार्यवाही हो।
बीमा कंपनी को भारी नुकसान-
समीर कालरा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि ऐसे सुनियोजित फर्जीवाड़े से न केवल बीमा कंपनी को बल्कि सरकार के राजस्व को भी कई करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि शाजापुर क्षेत्र में कुछ गिरोह वाहन मालिकों, चालकों और गवाहों के साथ मिलकर झूठे दावों की योजना बनाते हैं, जो कि गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
बीमा कंपनी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस विभाग, परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। कालरा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो कंपनी स्वयं एफआईआर दर्ज कराएगी और सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगी।
एसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी, एसआईटी का गठन-
शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया को जानकारी दी कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम में फर्जीवाड़े की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। कंपनी द्वारा प्रस्तुत तीन संदिग्ध मामलों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। यदि जांच में आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध होती है, तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।