चित्तौड़गढ़। भारत स्काउट व गाइड जिला मुख्यालय चित्तौड़गढ़ के तत्वावधान में जिला मुख्यालय पर 16 से 22 जून तक बीएसटीसी छात्र अध्यापकों के लिये आयोजित ग्रुप प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन शुक्रवार को सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्त रहने को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर सर्कल ऑर्गेनाइजर (स्काउट) चन्द्रशंकर श्रीवास्तव ने सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र के द्वारा चित्तौड़गढ़ में किया जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की और संस्थान अध्यक्ष गफ्फार पठान को इस सकारात्मक कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति केंद्र के काउंसलर प्रियंका जोशी, कॉर्डिनेटर अमित चेचानी, सदस्य जितेन्द्र तोमर ने नशा मुक्ति के विषय पर संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान से पधारे वक्ताओं द्वारा नशे के विविध पहलुओं दुष्प्रभावों उनसे किस प्रकार बचा जाये, के बारे में जानकारी प्रदान की गई। संस्थान काउंसलर प्रियंका जोशी ने जानकारी दी कि क्योंकि आज कोई भी हिंसा जो हो रही है समाज के अंदर इसका मूल कारण नशा ही है। आज जो बीमारियां बढ़ रही है उसकी वजह नशा, धूम्रपान आदि रहा है।
संस्थान कॉर्डिनेटर अमित चेचाणी ने संस्थान द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्याे पर प्रकाश डाला और नशा नाश का द्वार है बिंदु पर कहा कि नशा एक व्यक्ति को ही नहीं पूरे समाज और देश के लिए घातक है इसके परिणाम बेहद गंभीर होते है।
संस्थान सदस्य जितेन्द्र तोमर द्वारा नशे को चतुर चालाक बीमारी बताते हुए नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला गया इस मौके पर छात्र अध्यापकों ने वक्ताओं से सवाल भी किए जिनका उनके द्वारा संतोषप्रद जवाब दिए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर प्रशिक्षक के रूप में लीडर ट्रेनर चतर सिंह राजपूत, सत्य नारायण सोमानी, अखिलेश श्रीवास्तव, प्रेम प्रकाश मीणा, सोहन लाल मेघवाल, पवन माली, पंकज दशोरा, हेमेंद्र सोनी, हर्षित पुरोहित सर्विस रोवर रोनक लखारा, विरेन्द्र सिंह, भगत भुल, निर्मल सिंह, सांवरिया लाल गुर्जर रेंजर कल्पना मीणा, शानू मीणा, कविता भील, सुमन खटीक व रोवर लीडर बाल कृष्ण मेनारिया आदि उपस्थित थे।