नीमच/मंदसौर। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कई जिलों में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मालवा अंचल के नीमच और मंदसौर जिलों में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं दूसरी ओर इससे नदी-नालों में उफान आ गया है। तेज़ वर्षा के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है। वहीं राजस्थान के भी अधिकांश जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है और शुक्रवार से लेकर शनिवार सुबह तक लगातार तेज बारिश दर्ज की गई है। इससे गांधीसागर बांध के जलस्तर में वृद्धि हुई है।

गांधीसागर बांध का जलस्तर बढ़कर 1287.30 फीट तक पहुंचा
शनिवार सुबह तक गांधीसागर बांध का जलस्तर 1287.30 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 1312 फीट है। बांध क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पानी की आवक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों में क्षेत्र में और अधिक वर्षा होने की संभावना है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

गौरतलब है कि गांधीसागर बांध चंबल नदी पर स्थित प्रदेश का एक प्रमुख जलाशय है, जो सिंचाई, पेयजल और विद्युत उत्पादन जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की माने तो यदि बारिश का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा, तो आगामी दिनों में बांध के गेट खोलने की भी संभावना बन सकती है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर-
नदी-नालों में आए उफान और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा गया है। ग्रामीण इलाकों में रहवासियों को नदियों के पास जाने से मना किया गया है, और लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी-
मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक मालवा, उज्जैन, चंबल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।