नीमच। जिले में सशक्तिकरण बाल विकास योजना के तहत एक अनूठी पहल ने 150 से अधिक बालिकाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। इन छात्राओं को आगामी पुलिस भर्ती के लिए पूर्णतः निःशुल्क शारीरिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण शिविर जाजू कॉलेज के पीछे स्थित गर्ल्स स्कूल में संचालित हो रहा है, जहां छात्राओं को शारीरिक दक्षता के साथ-साथ पुलिस विभाग से जुड़ी सैद्धांतिक जानकारी भी दी जा रही है। यह कार्यक्रम 6 माह तक चलेगा, और इसका उद्देश्य है कि बालिकाएं आगामी भर्ती परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
शारीरिक और थ्योरिटिकल दोनों मोर्चों पर तैयारी-
शिविर में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक बालिकाओं को मैदान में दौड़, पुश-अप्स, ऊँचाई मापन जैसे शारीरिक अभ्यास करवाए जा रहे हैं। वहीं दोपहर 2 से 4 बजे तक चलने वाली थ्योरिटिकल कक्षाओं में उन्हें पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, नियमावली और परीक्षा संबंधित जानकारी दी जाती है।
बालिकाओं में उत्साह और आत्मविश्वास चरम पर-
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं छात्राओं का कहना है कि यह निःशुल्क ट्रेनिंग उनके लिए एक सुनहरा अवसर है। इससे उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम बनने के साथ ही अपने आत्मविश्वास को भी मजबूत करने में मदद मिल रही है। एक छात्रा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा पुलिस अधिकारी बनना हमारा सपना है। इस ट्रेनिंग ने हमें उस सपने के और करीब पहुँचा दिया है।
समाज में दिख रहा सकारात्मक प्रभाव-
इस पहल से न सिर्फ बालिकाओं का विकास हो रहा है, बल्कि यह समाज में भी सशक्तिकरण की एक नई लहर ला रही है। माता-पिता भी इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं, जो बेटियों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
आगामी वैकेंसी तक जारी रहेगा प्रशिक्षण-
प्रशिक्षण शिविर तब तक जारी रहेगा जब तक पुलिस भर्ती की अगली वैकेंसी घोषित नहीं हो जाती। आयोजकों का मानना है कि निरंतर अभ्यास और मार्गदर्शन से ये छात्राएं चयन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी और जिले का नाम रोशन करेंगी।