शहडोल। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने खाद की कालाबाजारी के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति टिहकी के प्रबंधक राजेश अवस्थी और जैतपुर के प्रबंधक जमुना प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
टिहकी में 190 ऐसे लोगों को यूरिया खाद का वितरण किया गया, जिनका पंजीकरण नहीं था। इनमें ज्यादातर व्यापारी शामिल थे। जैतपुर में भी खाद वितरण में अनियमितता पाई गई।
जयसिंहनगर एसडीएम काजोल सिंह ने 26 अगस्त को औचक निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि गोदाम में खाद की एक बोरी भी नहीं थी। हालांकि, पीओएस मशीन में 14.58 टन खाद का स्टॉक दिखाया जा रहा था। एसडीएम ने इस मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी।
किसान संगठनों ने कलेक्टर की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। किसान नेता अरुण तिवारी ने कहा कि यह कदम किसानों के हित में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खाद की कालाबाजारी किसानों पर वित्तीय बोझ बढ़ाती है। इससे कृषि उत्पादन भी प्रभावित होता है। इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।