मुरैना। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत किए गए अभिनव प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। वर्तमान में जिला पंचायत मुरैना के सीईओ और प्रभारी उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के पद पर कार्यरत आईएएस कमलेश कुमार भार्गव के नवाचार को ’बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, लंदन’ में दर्ज किया गया है। यह गौरव उन्हें वर्ष 2023-24 में दतिया जिला पंचायत सीईओ रहते हुए किए गए कार्यों के लिए मिला है।
दतिया में नशा मुक्ति के लिए किया था अनोखा प्रयास
कमलेश भार्गव ने अपने कार्यकाल के दौरान दतिया जिले में ’नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को लेकर कई नवाचार किए थे। इन प्रयासों ने न केवल स्थानीय स्तर पर प्रभाव छोड़ा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मिसाल कायम की।
25 अगस्त को मिली आधिकारिक सूचना
इस उपलब्धि की जानकारी 25 अगस्त को केंद्रीय सामाजिक न्याय विभाग से उन्हें प्राप्त हुई। विभाग द्वारा बताया गया कि उनके नवाचारों को लंदन स्थित ’बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। यह सम्मान पत्र और प्रमाणन डाक के माध्यम से लंदन से भेजा जा चुका है।
देश और प्रदेश के लिए गर्व की बात
यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। आईएएस कमलेश भार्गव के नेतृत्व में किए गए प्रयासों से समाज में नशे के प्रति चेतना जागृत हुई और युवा वर्ग को दिशा देने का काम हुआ।
दिल्ली में हुआ सम्मान
कमलेश भार्गव को हाल ही में दिल्ली में एक समारोह में सम्मानित भी किया गया। उनके इस योगदान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है, जो प्रशासनिक सेवाओं में नवाचार की शक्ति को दर्शाता है।
व्यापक जनजागरूकता का बना उदाहरण
आईएएस भार्गव के अभियान ने यह साबित किया कि यदि सरकारी योजनाओं को रचनात्मक और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, तो उसका व्यापक और स्थायी असर समाज पर पड़ता है। अब इस नवाचार को दूसरे जिलों में लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।