नीमच। उज्जैन जोन अंतर्गत रतलाम एवं उज्जैन रेंज के विभिन्न जिलों में वर्ष 2022 से 2025 तक पुलिस थानों में जप्त मादक पदार्थों का विनष्टीकरण शुक्रवार को किया गया। यह कार्रवाई भारत सरकार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार गठित ड्रग डिस्ट्रक्शन कमेटियों की निगरानी में हुई।
कुल 189 प्रकरणों में जब्त 11 करोड़ 43 लाख 79 हजार रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट किए गए। इसमें 149 क्विंटल 73 किलो डोडाचूरा, 57 किलो 640 ग्राम अफीम, 6 क्विंटल 50 किलो गांजा, 1.7 किलो स्मैक, 541 ग्राम चरस, 115 ग्राम एमडी, 7 ग्राम ब्राउन शुगर, 11.8 किलो गांजे के हरे पौधे और 388 ग्राम अफीम के हरे पौधे शामिल थे।
रतलाम रेंज (नीमच, मंदसौर, रतलाम)-
98 प्रकरणों में 135 क्विंटल 66 किलो डोडाचूरा, 52 किलो 683 ग्राम अफीम, 34 किलो 570 ग्राम गांजा, 1.7 किलो स्मैक, 60 ग्राम एमडी और 11.8 किलो गांजे के पौधे नष्ट किए गए। इसका मूल्य लगभग 9.36 करोड़ रुपये आंका गया।
उज्जैन रेंज (उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा)-
91 प्रकरणों में 14 क्विंटल 7 किलो डोडाचूरा, 4.9 किलो अफीम, 6 क्विंटल 15 किलो गांजा, 39 ग्राम स्मैक, 541 ग्राम चरस, 7 ग्राम ब्राउन शुगर, 55 ग्राम एमडी और 388 ग्राम अफीम के पौधे नष्ट किए गए। कुल मूल्य 2.07 करोड़ रुपये रहा।
कार्रवाई विक्रम फैक्ट्री खोर और अल्कलॉइड फैक्ट्री नीमच में की गई। रतलाम रेंज समिति की अध्यक्षता डीआईजी निमिष अग्रवाल ने की, जबकि उज्जैन रेंज समिति का नेतृत्व डीआईजी नवनीत भसीन ने किया। नीमच एसपी अंकित जायसवाल, मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा, देवास एसपी पुनीत गहलोत और शाजापुर एसपी यशपाल राजपूत सदस्य रहे। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।