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October 17, 2025, 4:24 pm
BIG NEWS : कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल, स्टेटस पर लगाने वाले बुजुर्ग को सिंगोली पुलिस ने किया गिरफ्तार, दिल्ली तक पहुंची गूंज, नेताओं के हस्तक्षेप से हुई रिहाई, पढ़े खबर 

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नीमच। जिले के सिंगोली नगर में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयान को वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाने के बाद एक 62 वर्षीय बुजुर्ग को जेल जाना पड़ा। घटना ने न केवल जिले में, बल्कि प्रदेश और दिल्ली स्तर पर भी राजनीतिक हलचल मचा दी है। सिंगोली के रहने वाले ख्वाजा हुसैन, जो पेशे से पंक्चर की दुकान चलाते हैं, ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयान को अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाया था। पुलिस ने इसे लेकर उन पर एफआईआर दर्ज की और उन्हें जेल भेज दिया।

कैसे शुरू हुआ मामला-
जानकारी के अनुसार स्थानीय कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने एक सोशल मीडिया ग्रुप में पवन खेड़ा का बयान साझा किया था। हुसैन ने वही पोस्ट अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लगा लिया। हुसैन के मुताबिक वॉट्सऐप पर मेरा स्टेटस केवल 9 लोगों ने देखा था कि तभी पुलिस दुकान पर पहुंच गई और मुझे थाने ले गई। पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया और एफआईआर दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।

दिल्ली तक पहुंचा मामला, पवन खेड़ा ने की दखल-
मामले की जानकारी दिल्ली तक पहुंची तो कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सीधे हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के माध्यम से ख्वाजा हुसैन के परिवार से बात की और उनकी जमानत करवाई। खेड़ा ने इस कार्रवाई को भाजपा सरकार की डरपोक मानसिकता बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार इतनी भयभीत है कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो शेयर करने पर एक निर्दाेष व्यक्ति को इसलिए गिरफ्तार किया क्योंकि वह मुस्लिम है। खेड़ा ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती और नेता पंकज तिवारी का आभार जताया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का ट्वीट- अधिकारियों का भी हिसाब होगा
मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- नीमच जिले के सिंगोली में कांग्रेस कार्यकर्ता ख्वाजा हुसैन को सिर्फ पार्टी का बयान वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाने के कारण गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जब मामला संज्ञान में आया, तब उनकी मदद की गई और देर शाम वे जेल से रिहा हुए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और आरएसएस सत्ता का कितना भी दुरुपयोग कर लें, जननायक राहुल गांधी के सिपाही विचारधारा की लड़ाई लड़ते रहेंगे। जो अधिकारी असंवैधानिक तरीके से सत्ता के इशारे पर काम करेंगे, उनका भी हिसाब होगा।

क्या था विवादित स्टेटस-
ख्वाजा हुसैन के वॉट्सऐप स्टेटस में पवन खेड़ा का वही बयान था, जिसमें उन्होंने केरल में एक युवा इंजीनियर की आत्महत्या को लेकर आरएसएस कार्यकर्ताओं पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। पोस्ट में लिखा था- इस संगठन में भेड़ की खाल ओढ़े भेड़िए छिपे बैठे हैं। 100 साल का जश्न मनाया जा रहा है, सिक्का जारी हो रहा है, डाक टिकट जारी हो रहा है, और अंदर कुछ और ही चल रहा है।

‘थाने में गालियां दीं, पीटा गया’- ख्वाजा हुसैन का आरोप
ख्वाजा हुसैन ने बताया कि 13 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे उनकी दुकान पर तीन पुलिसकर्मी पहुंचे और बिना किसी औपचारिकता के उन्हें थाने ले गए। उन्होंने कहा कि थाने में मेरा मोबाइल टीआई ने ले लिया। जब्ती रात 2 बजे दिखाई गई। इस दौरान उन्होंने क्या किया, मुझे नहीं पता। मुझे थाने में गालियां दीं और पीटा भी गया। हुसैन ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी अक्सर वर्ग विशेष के लोगों के साथ अभद्रता करते हैं। मेरी जमानत तहसीलदार से कहलवाकर खारिज कराई और मुझे जेल भेज दिया।

कांग्रेस ने कहा- यह प्रशासनिक दमन का उदाहरण
कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने इस घटना को प्रशासनिक तानाशाही बताते हुए कहा कि सिर्फ एक स्टेटस पर कार्रवाई करना लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। भाजपा सरकार विरोधी आवाज़ों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि थाना प्रभारी पर जांच हो और पीड़ित को न्याय मिले। 

राजनीतिक गलियारों में हलचल
यह मामला अब राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बता रही है, जबकि पुलिस अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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