मंदसौर। मंदसौर पुलिस ने अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके सरगना को पंजाब के पटियाला जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर पर बने नकली नोट छापने के कारखाने पर छापा मारकर लाखों रुपये के नकली नोट और उपकरण जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में थाना वायडीनगर प्रभारी निरीक्षक शिवांशु मालवीय और सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रितेश नागर की टीम द्वारा की गई।
तीन राज्यों में फैला नेटवर्क-
मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह उर्फ गुरिंदरजित सिंह (36), निवासी सनौर, जिला पटियाला, पंजाब लंबे समय से नकली नोट छापने का काम कर रहा था।
वह फोटोशॉप और कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार कर मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में तस्करों के जरिए सप्लाई करता था। आरोपी ने यह तकनीक यूट्यूब से सीखी थी।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3.66 लाख मूल्य के नकली नोट और कंप्यूटर, प्रिंटर, कटर, चमकीली पन्नी और अन्य सामग्री (कुल कीमत 1 लाख) जब्त की। साथ ही 10 लाख की एक ह्युंडई वरना कार और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
कई चरणों में कार्रवाई-
-पहला चरण (27 अक्टूबर)- वायडीनगर पुलिस ने निसार हुसैन पटेल, रियाज नियारगर और दीपक गर्ग से 38,000 के नकली नोट बरामद कर केस दर्ज किया।
- दूसरा चरण- पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अंबाला (हरियाणा) से संदीप सिंह बसैती और प्रिंस अहलावद को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 6,000 के नकली नोट जब्त हुए।
- तीसरा चरण- सायबर सेल की तकनीकी सहायता से मुख्य सरगना गुरजीत सिंह तक पहुंचते हुए पंजाब के सनौर (पटियाला) स्थित नकली नोट फैक्ट्री पर छापा मारा गया। कुल मिलाकर 18 लाख मूल्य का नकली माल व उपकरण जब्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपी-
-गुरजीत सिंह उर्फ गुरिंदरजित सिंह, सरगना, निवासी सनौर, पटियाला (पंजाब)
-रियाज नियारगर, निसार पटेल, दीपक गर्ग (मंदसौर व भिलवाड़ा)
-संदीप सिंह बसैती, प्रिंस अहलावद (कुरुक्षेत्र, हरियाणा)
-मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह पूर्व में भी हरियाणा और राजस्थान में नकली नोट प्रकरणों में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस का कहना-
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता है। मंदसौर पुलिस ने स्पष्ट किया कि जाली भारतीय मुद्रा के निर्माण और वितरण में लिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
टीम का योगदान-
इस कार्रवाई में निरीक्षक शिवांशु मालवीय, निरीक्षक वरुण तिवारी, उपनिरीक्षक रितेश नागर, उनि कपिल सौराष्ट्रीय, उनि विनय बुंदेला, सायबर सेल के आशीष बैरागी, मनीष बघेल, मुजफ्फर उद्दीन सहित पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा।