देवास। शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, देवास में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा प्रायोजित एवं एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग (ATAL) अकादमी के अंतर्गत एक छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “ग्रीन टेक्नोलॉजीजः इनोवेशन, अपॉर्च्युनिटीज एंड चैलेंजेस” था। समारोह का समापन गत दिवस हुआ। इस छह दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से शिक्षक एवं शोधकर्ताओं के द्वारा भाग लिया गया, जिसमें सस्टेनेबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर टेक्नोलॉजी, और कार्बन फुटप्रिंट रिडक्शन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा अपने विचार साझा करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
संस्था प्राचार्य एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सोनल भाटी ने बताया कि “ग्रीन टेक्नोलॉजी आज के समय का सबसे प्रासंगिक और इंटरडिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) विषय है। यह केवल इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण विज्ञान, रसायन, भौतिकी, प्रबंधन और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों से भी जुड़ा हुआ है। बढ़ते प्रदूषण, ऊर्जा संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए इस क्षेत्र में नवाचार अत्यंत आवश्यक पहल होगी। कार्यशाला में सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों द्वारा कार्यक्रम के प्रति अपने सकारात्मक विचार प्रस्तुत किये गये। FDP के प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें नवीन तकनीकों, शोध पद्धतियों और शिक्षण कौशल में सुधार करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के व्याख्यानों को प्रेरणादायक और व्यावहारिक बताया तथा ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उक्त कार्यक्रम के आयोजन में इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग की व्याख्याता शिवांगी मित्तल तथा इलेक्ट्रानिक्स एण्ड टेलीकम्युनिकेशन की व्याख्याता डॉ. प्रियंक सुनहरे, द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।