देवास। केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिले, इसके लिए शासन द्वारा स्वास्थ्य संबंधी कई जनहितैषी योजनाएं एवं अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं एवं अभियानों का लाभ लेकर नागरिकगण स्वस्थ्य हो रहे हैं। इसी के तहत जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से कुपोषित बच्चे स्वथ्य होकर घर जा रहे हैं। अपने बच्चों को स्वथ्य पाकर माता-पिता और परिजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।
देवास शहरी क्षेत्र के मुखर्जी नगर निवासी पायल पवार की 05 माह की बच्ची दिव्यांशी को कम वजन एवं उल्टी दस्त होने की शिकायत पर जिला चिकित्सालय देवास में चिकित्सक को दिखाया। दिव्यांशी को पीआईसीयू में भर्ती कर चिकित्सकीय जटिलता का उपचार किया गया। इसके पश्चात पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर गंभीर कुपोषण का उपचार किया गया।
पोषक प्रशिक्षक दुबे ने माँ को स्तनपान का परामर्श दिया, अपने समक्ष दूध पिलाने का सही तरीका बताया। मां बच्चे का सही जुडाव, सही स्थिति, स्तनपान का महत्व आदि जानकारी देकर समझाइश दी गई। दिव्यांशी को पर्याप्त मात्रा में दूध मिले इसके लिए एस.एस.टी. (सप्लीमेंटरी सकलींग टेकनिक) के प्रयोग द्वारा स्तनपान करवाने पर माँ को पर्याप्त मात्रा में दूध आने लगा। एस.एस.टी. में डाइल्यूटेड एफ 100 का (दूध) का प्रयोग किया गया। उपचार परामर्श परिणाम स्वरूप दिव्यांशी का वजन बढने लगा। माँ भी अब प्रसन्तापूर्वक स्तनपान करवाने लगी।
दिव्यांशी की पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) से छुट्टी उपरांत नियमित 15-15 दिवस में फॉलोअप 12 जून 2025, दिनांक 27 जून 2025, दिनांक 17 जुलाई 2025 और दिनांक 08 अगस्त 2025 को लिया गया। चतुर्थ फॉलोअप में वजन 6 किलो 930 ग्राम, ऊंचाई 63 से.मी एम.यू.एसी. 13.5 से.मी. (मीडियन) हो गया । पोषण पुनर्वास केन्द्र एवं पी.आई.सी.यू. की टीम के सहयोग द्वारा दिव्यांशी का सफलता पूर्वक उपचार कर उसे कुपोषण से मुक्त करने में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वैशाली निगम, डॉ. कपिल गांगिल, डॉ. श्वेता पटेल, पोषक प्रशिक्षक अर्चना दुबे, ए.एन.एम वंदना, अन्जु, पुष्पा, अन्नु, मेघा, मुस्कान सभी का सरहानीय योगदान रहा।
सीएमएचओ डॉ सरोजनी जेम्स बेक ने बताया की पोषण पुर्नवास केन्द्रों में गम्भीर कुपोषित बच्चों का आशा, आगनवाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा चिंहित कर भर्ती कराया जाता है। साथ ही जिला अस्पताल में नियमित वार्ड में भी ऐसे बच्चो को चिंहित कर पोषण पुर्नवास केन्द्र में 14 दिनों तक बच्चों को भर्ती किया जाता है। निर्धारित डाईट प्रदान की जाकर माता को समझाइश दी जाती है। कई बच्चों का उपचार पोषण पुर्नवास केन्द्र में किया जाता है जिसकी मॉनिटरिंग व देखरेख शिशु रोग विशेषज्ञ एवं व एन.आर.सी.नोडल अधिकारी द्वारा नियमित की जाती है। कुपोषित बच्चे के भर्ती होने के दौरान बच्चें की माता को 120 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 14 दिन की राशि 01 हजार 680 रूपये स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किये जाते है।