नीमच। जिले के छायन क्षेत्र में बुधवार को किसानों ने रात्रिकालीन विद्युत आपूर्ति के विरोध में छायन ग्रिड का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि पहले कुओं और नलकूपों के लिए बिजली दिन के समय दी जाती थी, जिससे खेतों में सिंचाई करना आसान रहता था। लेकिन हाल ही में विभाग द्वारा रात्रि में विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह से ही आस-पास के गांवों के सैकड़ों किसान छायन ग्रिड पर एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि रात के समय खेतों में सिंचाई करना न केवल असुरक्षित है बल्कि इससे दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। कई बार खेतों में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों से खतरा रहता है, वहीं महिलाओं और बुजुर्ग किसानों के लिए रात में खेत जाना मुश्किल हो जाता है।
किसानों ने बिजली विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि दिन के समय दी जाने वाली बिजली को अचानक रात्रि में स्थानांतरित करना अनुचित निर्णय है। किसानों ने मांग की कि बिजली आपूर्ति को पूर्व की तरह दिन में बहाल किया जाए, ताकि सिंचाई कार्य सुचारू रूप से हो सके।
घटनास्थल पर उपस्थित किसानों ने छायन ग्रिड के घरेलू और सिंचाई फीडर बंद करवाकर अधिकारियों से बातचीत की मांग की। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
सूत्रों के अनुसार, किसानों ने अपनी समस्याओं से विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया है। विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाइश देने और उनकी शिकायतों के समाधान का आश्वासन दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समय रबी फसल की तैयारी चल रही है, और ऐसी स्थिति में रात में बिजली आपूर्ति किसानों के लिए कठिनाई और नुकसान दोनों का कारण बन रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दिन की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।