चित्तौड़गढ़। बोजुन्दा पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप स्थित श्री कालभैरव (श्री काला जी बावजी) देव स्थल पर कालभैरव जन्मोत्सव अष्टमी के अवसर पर हवन, पूजन, महाआरती, भजन संध्या, छप्पन भोग और अन्नकूट प्रसादी का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संत विनोदचंद्र यति गुरुजी सहित आसपास के क्षेत्रों और सुदूर स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुजारी बाबूलाल जटिया सतखंडा ने बताया कि जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर जागरण आयोजित किया गया। बुधवार सुबह हवन अनुष्ठान और महाआरती के बाद भजन संध्या प्रारंभ हुई। शंकर लक्खा एंड पार्टी ने भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में ‘श्री काल भैरव अष्टक’ का संगीत मय विमोचन भी किया गया।
शाम को संत विनोदचंद्र यति गुरुजी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि “बाबा भैरव अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।” उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा श्रद्धालुओं से भक्ति भाव से सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
अत्यंत प्राचीन श्री कालभैरव (श्री काला बावजी) मंदिर को चमत्कारिक देवस्थल माना जाता है। यहां प्रत्येक शनिवार को बावजी की गादी लगती है और हर अष्टमी को श्री कालिका माता जी की महाआरती होती है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और मुंबई सहित अन्य राज्यों से भी लोग दर्शन हेतु आते हैं। मान्यता है कि यहां आने से दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।