देवास। संस्था आस एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलाइंस की परियोजना एक्सेस टू जस्टिस के तहत वरिष्ठ नागरिक संस्था स्थल पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्टेकहोल्डर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डीएसपी बबीता बामणिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधीकारी सुभाष चौधरी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा यादव, महिला एवं बाल विकास विभाग से एकता जैसवाल, विशेष किशोर पुलिस इकाई से संतोष पांडे, तथा सिविल लाइन थाना से संध्या पाण्डेय उपस्थित रहीं।
संचालन कीर्ति दीक्षित ने किया। संस्था आस से राहुल गोठाने व सरिता राजपूत ने बाल विवाह रोकथाम व अभियान की जानकारी दी। अतिथियों ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए समुदाय को जागरूक करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर रणनीतियों को मजबूत करना और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाना रहा। इस दौरान बाल संरक्षण कानून, जोखिम पहचान और हस्तक्षेप पर भी चर्चा की गई। अंत में संस्था आस द्वारा बाल विवाह समाप्त करने का संकल्प दिलाया गया।
डीएसपी बबीता बामणिया ने कहा, “बाल विवाह एक दंडनीय अपराध ही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। समाज और कानून मिलकर ही इसे पूरी तरह रोक सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी सुभाष चौधरी बोले, “कानूनी जानकारी हर परिवार तक पहुँचे, यही हमारी प्राथमिकता है। जागरूकता ही बाल विवाह रोकने की सबसे मजबूत ढाल है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा यादव ने कहा, “समय रहते हस्तक्षेप करना बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। हर नागरिक को ऐसे मामलों की सूचना तुरंत देना चाहिए।