मंदसौर। प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर अनीष कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन दिनांक 26 नवम्बर, 2025 को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बालागंज, मंदसौर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सम्पन्न हुआ।
उक्त शिविर को न्यायाधीश एवं सचिव सुधीर सिंह निगवाल, न्यायाधीश रूची पटेरिया अरोरा द्वारा सम्बोधित किया गया। न्यायाधीश सुधीर सिंह निगवाल ने अपने उद्बोधन में शिविर में उपस्थित विद्यार्थियों को संविधान दिवस की शुभकामनाये देते हुये अपने सम्बोधन में इस बात जोर दिया कि कानून की जानकारी आखीर क्यू आवश्यक होती है। उन्होने व्यक्त किया कि एक व्यक्ति को अपने जीवन में घर से निकलते ही तथा घर पहुंचने तक कानूनी नियमों का पालन करना होता है। नियमों की अनभिज्ञता से व्यक्ति कभी भी किसी कानूनी समस्या में पड़ सकता है। निगवाल नें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह की उपलब्धता, निःशुल्क विधिक सहायता हेल्प नंबर 15100 के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
न्यायाधीश रूची पटेरिया अरोरा ने उपस्थित छात्राओं को अपने सहज सम्बोधन में संवैधानिक अधिकार, विशेषकर समता के अधिकार के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुये कहा कि संविधान लैंगिक भेदभाव वर्जित करता है, लड़कियों को भी लड़कों के समान अधिकार होते है। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों से भी उपस्थित छात्राओं को अवगत कराते हुये लैंगिक अपराधों के परीप्रेक्ष्य में व्यक्त किया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार जो उन्हें असहज लेगे, तो चुप नहीं रहना चाहिये। तुरंत अपने पेरेन्ट्स को, टीचर को, या जिन पर वह विश्वास करे, उन्हें बता देना चाहिये। प्रारंभिक उद्बोधन, संचालन एवं आभार विद्यालय के प्राचार्य सुदीप दास द्वारा किया गया। इस अवसर विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्रायें उपस्थित रहीं।