चित्तौड़गढ़। छोटीसादड़ी स्थित हरीश आंजना स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को संविधान दिवस बड़े ही समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भरत सिंह भाटी (अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन), अध्यक्षता अकैडमी डायरेक्टर डॉ. जगन्नाथ सोलंकी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में फ़ारुख़ खान, सुनील प्रजापत, तथा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दीपक मंडेला उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। प्राचार्य डॉ. दीपक मंडेला ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि भरत सिंह भाटी ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। संविधान हमें देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करता है। अध्यक्षता कर रहे डॉ. जगन्नाथ सोलंकी ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं बल्कि देश की आत्मा है। हमें इसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नियमित रूप से दोहराना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्राचार्य का संदेश
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दीपक मंडेला ने कहा कि संविधान दिवस हमें संविधान की महानता और उसकी आधारभूत भूमिका की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान देश को लोकतंत्र, समानता और न्याय के मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है।
प्रतियोगिताओं का आयोजन
संविधान दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के लिए भाषण, निबंध और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने संविधान से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रभावी रूप से प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर राहुल जोशी, कार्यालय अधीक्षक अजय कुमार यादव, प्रोफेसर भगवानलाल कामड़, नसरीन आरा, गोविंद रजक, काजल पंवार, चौथमल मीणा, नितेष मीणा सहित अनेक स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रोफेसर सपना बेस द्वारा सुचारू रूप से किया गया।