मंदसौर। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत वायडी नगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में जिलेभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल, सीएसपी जितेंद्र सिंह भास्कर तथा थाना प्रभारी वायडी नगर शिवांशु मालवीय द्वारा की जा रही थी।
अलग-अलग मामलों में लापता हुई थीं तीनों बालिकाएं-
पहला मामला 10 मई 2024 का है, जिसमें मनोज जेरिया ने अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट थाना वायडी नगर में दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने धारा 363 के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
दूसरा मामला 24 नवंबर 2025 को सामने आया, जब नवीन कुरील ने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत की। इस प्रकरण में धारा 137(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
तीसरी शिकायत भी 24 नवंबर 2025 को सुनीता पढियार द्वारा दर्ज कराई गई, जिसमें नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई और इस मामले में भी धारा 137(2) बीएनएस लागू की गई।
विशेष टीम ने तकनीकी और पारंपरिक तरीकों से की खोज-
थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय के निर्देश पर उपनिरीक्षक विनय बुंदेला एवं कपिल सौराष्ट्रीय की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संभावित स्थानों पर दबिश दी, मुखबिरों से जानकारियाँ जुटाईं और सायबर सेल की तकनीकी सहायता का उपयोग किया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने तीनों बालिकाओं का पता लगाकर उन्हें सकुशल बरामद किया और उनके माता-पिता को सौंप दिया। पुलिस की इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की जिलेभर में सराहना की जा रही है।