नीमच। अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी और सहकारिता विभाग की कथित मनमानी के विरोध में पीड़ितों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। चार दिन से कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लोगों ने आज परिसर में स्थित दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर में अनोखा और सनसनीखेज विरोध करते हुए बाल अर्पित कर न्याय की अरदास की। प्रदर्शनकारियों ने बालाजी को आवेदन भी सौंपा।
पीड़ितों का कहना है कि वे वर्ष 2024 से लगातार केंद्र और राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी निराशा और आक्रोश के चलते उन्होंने यह प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
नारेबाजी और मुंडन कराकर जताया आक्रोश-
कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रदर्शनकारियों ने मुंडन कराकर विरोध जताया और मनासादृमंदसौर में शोर है, अक्षय क्रेडिट चोर है!” “नाम सहकारिता का३ काम डकैती का!” जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फरवरी 2025 में उन्होंने सहकारिता विभाग को लगभग 800 पन्नों के दस्तावेज और साक्ष्य सौंपे थे। इसके बावजूद न तो विभागीय कार्रवाई हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई। आरोप तो यह भी है कि शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया।
भगवान ही सुनवाई करें- पीड़ितों की पीड़ा
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की चुप्पी से आहत लोगों ने कहा कि धरना चल रहा है, नारे लग रहे हैं, मुंडन हो रहा है३ लेकिन प्रशासनिक गलियारों में सन्नाटा छाया है। अब हमने बालाजी को आवेदन सौंप दिया है, शायद भगवान ही न्याय दिलाएँ। नीमच में हुआ इस तरह का अनोखा विरोध शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा या फिर पीड़ितों की आवाज एक बार फिर अनसुनी रह जाएगी।