नीमच। जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र में नारकोटिक्स विंग ने शुक्रवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का राज़फाश किया है। संयुक्त टीम की इस दबिश में भारी मात्रा में तैयार एमडी, प्रोसेस्ड केमिकल और ड्रग निर्माण के उपकरण जब्त किए गए, जबकि तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जिले में अब तक की सबसे अहम ड्रग बस्ट ऑपरेशंस में से एक मानी जा रही है।

इंदौर-नीमच की संयुक्त टीम ने मारा छापा-
नारकोटिक्स विंग की इंदौर-नीमच संयुक्त टीम ने स्थानीय पुलिस की सहायता से रामपुरा थाना क्षेत्र के लसूड़िया ईस्त मुरार इलाके में छापा मारा। यहां संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर टीम ने फैक्ट्री को घेरकर दबिश दी। मौके से लगभग ढाई किलो तैयार एमडी ड्रग्स, 10 से 12 किलो प्रोसेस्ड एमडी, बड़ी मात्रा में लिक्विड केमिकल तथा एमडी उत्पादन में काम आने वाले उपकरण बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपी-
कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को मौके से दबोचा गया। इनमें रमेश शंकरलाल गरासिया निवासी लसूड़िया ईस्त मुरार, अर्जुन शंकरलाल गरासिया निवासी लसूड़िया ईस्त मुरार और निरंजन दायमा निवासी दायमा खेड़ी शामिल है। इन सभी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जिले में बढ़ते एमडी प्रकरण के बीच बड़ी कार्रवाई-
नीमच और समीपवर्ती क्षेत्रों में एमडी ड्रग्स की तस्करी और उत्पादन को लेकर बीते दिनों लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इस पृष्ठभूमि में नारकोटिक्स विंग की यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीम अब जब्त सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण और अन्य कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है। नारकोटिक्स विंग की टीम ने संकेत दिया है कि जिले में नशे के नेटवर्क पर बड़े स्तर पर और भी कार्रवाई जारी रहेगी।

इंटरनेशनल मार्केट में कीमत करोड़ों में-
कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री से एमडी ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला केमिकल और उत्पादन उपकरण भी जप्त किए। बरामद सामग्री में 2.70 किलोग्राम तैयार एमडी, 16 किलोग्राम लिक्विड फॉर्म में एमडी तथा 70 किलोग्राम एमडी निर्माण में उपयोग होने वाला केमिकल शामिल है। अधिकारियों के अनुसार जप्त की गई सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपये आंकी गई है।
