देवास। महिला एवं बाल विकास विभाग देवास द्वारा शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज देवास में केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे ‘’बाल विवाह मुक्त भारत (BVMB) 100 दिवसीय सघन अभियान'’ के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों के माध्यम से बाल विवाह की कुप्रथा के प्रति छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जागरूक करना और उन्हें इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के संकल्प से जोड़ना है। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर सोनल भाटी, समस्त प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थिगण उपस्थित थे।
महिला एवं बाल विकास विभाग से परामर्शदाता डॉ. एकता जायसवाल ने छात्रों को ‘’बाल विवाह मुक्त भारत (BVMB) 100 दिवसीय सघन अभियान’’ के बारे में जानकारी दी। आस फाउंडेशन से सुश्री सरिता राजपूत ने बाल विवाह के सामाजिक, कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कानूनी रूप से अपराध है।
कार्यक्रम में भारत को बाल विवाह से मुक्त बनाने और अपने आसपास ऐसी किसी भी घटना की सूचना बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल या संबंधित अधिकारियों को देने का संकल्प लिया। यह शपथ महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा दिलवाई गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से संरक्षण अधिकारी सुश्री दीक्षा कुशवाह एवं आस फाउंडेशन की टीम उपस्थित थी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री साबिर अहमद सिद्दीकी ने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान 08 मार्च तक विभिन्न चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में देवास जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में संवेदीकरण सत्र और शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी चरणों में विवाह सेवा प्रदाताओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा तथा ग्राम पंचायत स्तर पर बाल विवाह मुक्त गाँव बनाने के प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। उन्होंने जिले के युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाएं और बाल विवाह के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करें, जिससे देवास को 'बाल विवाह मुक्त भारत योद्धा' जिलों की श्रेणी में शामिल किया जा सके।