इन्दौर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में रेसीडेंसी कोठी पर शुक्रवार को इंदौर सम्भाग के कलेक्टर्स, जिला पंचायत सीईओ और सम्भागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा संभाग की जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रदेश सहित संभाग में महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रियान्वित योजनाओं में लाड़ली लक्ष्मी व लाड़ली बहनों की सहभागिता के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहाटकर ने निर्देशित किया कि संभाग में बालक-बालिका शिशु लिंगानुपात के अंतर को कम करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। समाज में बालक-बालिकाएं दोनों एक सम्मान है। बालिकाओं की शिक्षा के लिए और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास किए जाए। विद्यालयों में सभी लड़कियों को प्रवेश मिले इसके लिए विशेष प्रयास किए जाए।
उन्होंने संभागायुक्त और सभी कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि महिलाओं पर होने वाले शोषण को रोकने और महिला सुरक्षा के लिए सभी जगह प्रोटेक्शन ऑफिसर की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। यह आदेश सर्वाेच्च न्यायालय का भी है। यह कार्य आगामी दो माह में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि समाज की आधी आबादी महिलाओं की है। समाज में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं है, जो असंगठित क्षेत्रों में कार्य करती है, किंतु उनकी सुरक्षा और उन्हें सही न्याय मिले इसके लिए अधिक से अधिक स्थानीय स्तर पर इंटरनल कमेटी बनायी जाए। जिस संस्थान में 10 या इससे अधिक महिलाएं कार्यरत है, वहाँ स्थानीय स्तर पर इंटरनल कमेटी बनाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए। साथ ही इसका विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए। कलेक्टर एवं कमिश्नर स्वयं इसकी लगातार मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने कहा कि समाज में आज बड़ी संख्या में विवाह तो हो रहे हैं, लेकिन दोनों में आपसी समन्वय के अभाव के कारण उनमें जल्दी संबंध विच्छेद हो रहे हैं। इस वजह से समाज में तलाक की मामले बढ़ते जा रहे है। इसको रोकने के लिए प्री-मेडिकल कम्युनिकेशन सेंटर शुरू किए जाए। इसमें मनोवैज्ञानिक या मास्टर ऑफ सोशल वर्क का सहयोग लिया जाए, जो काउंसलिंग करेंगे। इस तरह के सेंटर तहसील स्तर पर शुरू किए जाए। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहाटकर ने कहा कि प्री-मेडिकल कम्युनिकेशन सेंटर नागपुर के शंभाजी नगर में संचालित हो रहे है और कुछ ही समय में वहाँ उनकी संख्या 60 हो गई है। इस सेंटर के अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। हमारा लक्ष्य देशभर में 100 प्री-मेडिकल कम्यूनिकेशन सेंटर बनाने का लक्ष्य है।
बैठक में डी.एस. रणदा, उपायुक्त (राजस्व) सपना लोवंशी, डॉ. पूर्णिमा गडरिया, डॉ. शॉजी जोसेफ, डॉ. माधव हसानी, संध्या व्यास, रजनीश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।