नीमच। जिला चिकित्सालय में पिछले दिनों अचानक विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाने से अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। वैकल्पिक बिजली व्यवस्था चालू नहीं होने के कारण मरीजों, परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वार्डों में उपकरण बंद हो गए और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती रहीं।
करोड़ों का सोलर प्लांट और जनरेटर सेट बेकार-
सूत्रों के अनुसार अस्पताल परिसर में लगा करोड़ों रुपये की लागत का सोलर प्लांट लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा है। इसी प्लांट से पहले पुरानी ओपीडी को बिजली आपूर्ति मिलती थी, परंतु अब यह स्पष्ट नहीं है कि सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली का उपयोग कहां हो रहा है। यह बड़ा सवाल जिम्मेदारों के सामने खड़ा है। इसके अलावा अस्पताल में स्थापित करोड़ों रुपए के जनरेटर सेट भी प्रयुक्त नहीं किए जा रहे, जिसके कारण आपात स्थिति में भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पाती।
जनता में रोष, जवाबदेही की मांग-
बिजली बंद होने और बैकअप व्यवस्था न होने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है कि जब करोड़ों की मशीनें मौजूद हैं, तो उनका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा।