नीमच। महिला स्वयं सहायता समूह संगठन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर, जिले के महिला समूह संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना तथा आंगनवाड़ी पूरक पोषण योजना से जुड़ी समस्याओं को लेकर शनिवार को कलेक्टर, जिला नीमच को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष माया पाटीदार ने किया।
प्रदेश अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी ने बताया कि वर्तमान में विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला खाद्यान्न बहुत कम मात्रा में प्राप्त हो रहा है, और वह भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाता। इससे योजनाओं के संचालन में गंभीर कठिनाइयाँ आती हैं। संगठन की प्रमुख मांग है कि खाद्यान्न का आवंटन प्रत्येक माह समय पर तथा दर्ज विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या के आधार पर जारी किया जाए, न कि पूर्व अनुमानित संख्या के आधार पर।
उन्होंने कहा कि दर्ज संख्या के अनुसार खाद्यान्न मिलेगा तभी बच्चों को पूरा पोषक आहार उपलब्ध हो सकेगा, जिससे वे कुपोषण से बच सकेंगे। इसके साथ ही प्रतिनिधि मंडल ने जून माह के 15 दिनों का बकाया रसोइयों के मानदेय को भी शीघ्र जारी करने की मांग रखी।
संगठन ने यह भी कहा कि नगरीय क्षेत्रों में केंद्रीकृत किचन शेड और मॉड्यूलर किचन सेट लागू करने से हजारों महिला स्वयं सहायता समूह बेरोजगार हो जाएंगे। मशीनों द्वारा खाना बनाने की यह व्यवस्था महिला विरोधी है तथा इससे बड़ी संख्या में महिलाएँ अपने रोजगार से वंचित होंगी। इसलिए इस प्रस्तावित व्यवस्था को बंद करने की मांग की गई।
इसके अलावा रसोइयों को 12 महीने का मानदेय दिए जाने की भी मांग ज्ञापन में सम्मिलित थी। उक्त जानकारी महिला स्वयं सहायता संगठन की प्रदेश प्रवक्ता सोना भरत प्रजापत ने प्रदान की।