मनासा। सेवा भारती द्वारा संचालित लोकमाता अहिल्याबाई कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर सिलाई, मेहंदी और मेकअप आर्टिस्ट के तीन माह के प्रशिक्षण में सफल हुई 20 से अधिक बहनों का सम्मान किया गया।
कौशल विकास केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रचार विभाग प्रमुख नटवर अटवाल ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी महिलाएँ इस कार्य को निरंतर जारी रखें, जिससे कौशल विकास का मूल उद्देश्य सार्थक हो।
सेवा भारती अध्यक्ष ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिला शक्ति की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। महिलाएँ चाहें तो समूह बनाकर लोन आदि की सुविधा लेकर स्वयं का उद्यम शुरू कर सकती हैं, जिससे आर्थिक समृद्धि प्राप्त हो सके। उन्होंने बहनों से आग्रह किया कि वे सेवा विभाग से जुड़कर अपने क्षेत्रों में ऐसे ही प्रकल्प चलाएँ, जिससे अनुभव बढ़ेगा और जरूरतमंदों की मदद भी होगी।
केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार अगला प्रशिक्षण एक दिसंबर से आरंभ होगा, जिसके लिए अब तक लगभग 30 महिलाओं ने पंजीयन किया है।