गरोठ। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशन में 1 दिसंबर 2025 को सांदीपनि विद्यालय चंदवासा में गीता जयंती पर्व का श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजन किया गया। गीता जयंती प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि आज से ठीक 5162 वर्ष पूर्व इसी दिन कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म से विचलित अर्जुन को गीता का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था।
इस वर्ष गीता की 5162वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे मध्यप्रदेश में भव्य आयोजन किए गए। इसी श्रृंखला में सांदीपनि विद्यालय चंदवासा में गीता के 15वें अध्याय का संस्कृत एवं हिंदी में वाचन किया गया। विद्यालय के स्टाफ सदस्य भानू सुमन ने संस्कृत में वाचन किया, वहीं इसका भावार्थ दीपेंद्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। गीता जयंती के महत्व और गीता में निहित परम ज्ञान पर स्टाफ सदस्यों भैरूलाल राठौड़, सुनील हंसराज, ईश्वर हरोकी तथा दीपक बोराना ने विद्यार्थियों के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
विद्यालय के प्राचार्य घनश्याम बागड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से आदर्श, कर्तव्यनिष्ठा और कर्म सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन के नैतिक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के भक्तिमय भजनों का मधुर प्रस्तुतीकरण किया गया। अंत में कार्यक्रम का औपचारिक समापन विद्यालय के सभागृह में राष्ट्रगीत के साथ किया गया।