प्रतापगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा की अध्यक्षता में प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न विद्यालयों व छात्रावासों में जंक फूड के दुष्प्रभावों पर व्यापक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
सीएमएचओ डॉ. मीणा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ भोजन की आदतों से जोड़ना एवं उनके दैनिक आहार में पोषक तत्वों के महत्व को समझाना है।
विद्यार्थियों को दी पौष्टिक आहार की जानकारी-
कार्यक्रम के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा ने विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी, सांवा, चौलाई सहित मोटे अनाज शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर एवं आवश्यक खनिज प्रदान करते हैं और मोटापा, मधुमेह तथा पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव करते हैं।
इसके विपरीत, अत्यधिक जंक फूड और पैकेज्ड स्नैक्स के सेवन से मोटापा, दांतों की सड़न, ब्लड प्रेशर, ध्यान की कमी और थकान जैसी समस्याएँ बढ़ने लगती हैं।
लेबल पढ़कर ही खरीदें पैकेज्ड फूड-
पामेचा ने बच्चों को सलाह दी कि पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय
फूड लेबल, एक्सपायरी डेट और FSSAI मार्क अवश्य जांचें तथा घर का ताज़ा भोजन व मिलेट आधारित व्यंजनों को प्राथमिकता दें। सत्र के दौरान बच्चों के सवालों के जवाब दिए गए और “ईट राइट इंडिया” अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई।
विद्यालय प्रशासन ने की पहल की सराहना-
विद्यालय प्रभारी प्राचार्य महावीर प्रसाद मीणा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे नियमित रूप से पौष्टिक भोजन का सेवन करें, जंक फूड से दूरी बनाएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।