मंदसौर। मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में संदिग्ध आचरण पाए जाने पर उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह चौहान और आरक्षक चालक रोहित चाकरे पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की है। दोनों पुलिसकर्मियों की एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की सजा दी गई है। यह मामला वर्ष 2022 का है, जिसमें दोनों पर झूठा केस बनाकर अवैध वसूली करने के आरोप लगे थे।
2022 में लगे थे गंभीर आरोप-
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में जब एसआई जितेंद्र सिंह चौहान और आरक्षक चालक रोहित चाकरे कोतवाली थाने में पदस्थ थे, तब उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने मल्हारगढ़ थाना क्षेत्र के मक्खन ढाबे से एक व्यक्ति को पकड़कर कोतवाली थाना क्षेत्र में लाकर उसके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया। आरोप यह भी था कि उन्होंने इस माध्यम से अवैध रूप से धनराशि प्राप्त की।
जांच में आचरण पाया गया संदिग्ध-
मामले की शिकायत मिलने पर तत्कालीन एसपी अनुराग सुजानिया ने विभागीय जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में दोनों का आचरण संदिग्ध पाया गया। इसी आधार पर वर्तमान एसपी ने दोनों पर दंडात्मक कार्रवाई की है।
वर्तमान पदस्थापन-
फिलहाल-
उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह चौहान गरोठ थाने में पदस्थ हैं।
आरक्षक चालक रोहित चाकरे थाना नई आबादी में सेवाएं दे रहे हैं।
अनियमितता बर्दाश्त नहीं-
एसपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि मंदसौर पुलिस महकमे में अनियमितता और संदिग्ध आचरण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।