इंदौर। क्राइम ब्रांच, पुलिस कमिश्नरेट इंदौर ने पुलिस आरक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फरियादी से बिना परीक्षा कराए आरक्षक पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की मांग की थी।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी का नाम अजय पाटीदार निवासी देवास (मध्य प्रदेश) है। आरोपी ने स्वयं को पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत बताकर पीड़िता को विश्वास में लिया था।
आरोप एवं आपराधिक इतिहास
आरोपी पर पूर्व में भी गैंबलिंग एवं आर्म्स एक्ट के दो प्रकरण जिला देवास में दर्ज हैं। इसके अलावा थाना आजादनगर, इंदौर में भी उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही हो चुकी है।
अपराध क्रमांक
Crime No. 194/25
धारा 318(2), 319(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS)
घटना का विवरण
आवेदिका द्वारा पुलिस आयुक्त कार्यालय, नगरीय इंदौर को दिए गए आवेदन में बताया गया कि अजय पाटीदार नामक व्यक्ति स्वयं को पुलिस आरक्षक बताकर बिना परीक्षा दिए 6 लाख रुपये में नौकरी दिलाने की बात कर रहा था।
पुलिस आयुक्त, नगरीय इंदौर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी व साइबर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को चिन्हित कर देवास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 10वीं तक शिक्षित है और खेती करता है। कई लड़कियों से दोस्ती बढ़ाने एवं प्रभाव जमाने के लिए वह स्वयं को आरक्षक बताकर बातचीत करता था।
उक्त मामले में भी उसने इसी बहाने संपर्क किया और जब उसे पता चला कि फरियादी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है, तो रोजगार दिलाने का लालच देकर ठगी का प्रयास किया।
अग्रिम कार्रवाई
आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 194/25 धारा 318(2), 319(2) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।