रतलाम। धौंसवास गांव में शासकीय जमीन पर बन रही धर्मशाला का अतिक्रमण हटाने पर गुरुवार सुबह जमकर हंगामा हो गया। प्रशासन की कार्रवाई से नाराज मालवीय समाज के लोग सड़क पर उतर आए और मंदसौर-इंदौर फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। प्रशासन का कहना है कि नाले को ब्लॉक कर निर्माण किया जा रहा था और दो बार नोटिस देने के बाद भी काम नहीं रोका गया, इसलिए कार्रवाई की गई।
गुरुवार सुबह करीब 7 से 7.30 बजे के बीच जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बल के साथ धौंसवास पहुंचे। धौंसवास से बांगरोद के बीच नाले की जमीन पर धर्मशाला का निर्माण चल रहा था। प्रशासन ने जेसीबी चलाकर निर्माण और वहां बनी एक तरफ की दीवार को गिरा दिया। समाजजनों ने चंदा एकत्र कर यहां मुर्रम डालकर जगह समतल की थी और निर्माण शुरू किया था।
फोरलेन पर बैठे लोग, वाहनों की कतारें लगीं
कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी संख्या में समाजजन इकट्ठे हो गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए गांव के बाहर फोरलेन पर जाकर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर बैठ गए। इस कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने बिना सूचना दिए यह कार्रवाई की है, जबकि यह धर्मशाला समाज के सहयोग से बनाई जा रही थी।
प्रशासन की सफाई- नाला ब्लॉक हो रहा था, 2 बार नोटिस दिया
हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत धौंसवास में शासकीय नाले को ब्लॉक करके उस पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस संबंध में राजस्व और पंचायत विभाग द्वारा निर्माण करने वालों और उपसरपंच को पूर्व में दो बार सूचना दी जा चुकी थी। इसके बावजूद काम बंद न किए जाने पर प्रशासन द्वारा यह वैधानिक कार्रवाई की गई।
एसडीएम और पुलिस बल मौके पर
मौके पर एसडीएम हासी हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, मनोज चौहान, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी और बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान समेत पुलिस बल मौजूद है। अधिकारी ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं।