नीमच। जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में बाल विवाह रोकथाम के 100 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जनपद पंचायत सीईओ आरिफ़ खान, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास इरफ़ान अंसारी, पंचायत एवं महिला बाल विकास विभाग का अमला तथापंचायत समन्वयक अधिकारी, सभी सचिव एवं सहायक सचिव उपस्थित थे।
जनपद ससीईओ आरिफ़ खान ने कार्यशाला में कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है। पंचायत स्तर पर प्रत्येक विवाह का अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक है, कि नव दंपत्ति समग्र पोर्टल पर दर्ज हो। इस हेतु अनिवार्य है, कि वधू की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।
परियोजना अधिकारी इरफ़ान अंसारी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होने कहा, कि यदि कोई बालक (लड़का) बाल विवाह करता है, तो यह कानूनी अपराध है और उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। यदि कोई व्यक्ति, अभिभावक या संरक्षक बाल विवाह को प्रोत्साहित करता है, आयोजित करता है या उसकी अनुमति देता है, तो उसके विरुद्ध सख्त दंड का प्रावधान है। यदि कोई विवाह आयोजक, पुजारी, बैंड, टेंट, केटरिंग, हलवाई, परिवहन प्रदाता या विवाह से जुड़े सेवा प्रदाता भी बाल विवाह के आयोजन में सहयोग करते हैं, तो यह कानूनी अपराध माना जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी सभी से बाल विवाह रोकथाम में सहभागी बनने का आव्हान किया गया।