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December 6, 2025, 3:05 pm
KHABAR : भाजपा सरकार के राज में किसान दुखी और परेशान, खाद संकट ने तोड़ी कमर, घंटों लाइन में लगने को मजबूर अन्नदाता, नहीं मिल रहा फसलों का सही दाम, पढे़ हरिओम माली की खबर 

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​नीमच। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जीरन के अध्यक्ष विनोद दक ने बताया कि जिले में यूरिया खाद की किल्लत से किसान इस वक्त त्रस्त है यूरिया खाद खेती-किसानी छोड़कर, किसान रोजाना खाद वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। यह स्थिति किसानों की दुर्दशा को दर्शाती है और वर्तमान भाजपा सरकार की किसानों के प्रति नाकामी को उजागर करती है।


विनोद दक ने कहा कि ​खाद के लिए लंबी कतारें किसान अपनी फसलों के लिए अति आवश्यक यूरिया खाद प्राप्त करने की आस में, घंटों तक वितरण केंद्रों के बाहर लाइन में बैठे रहते हैं। कई जगहों पर तो यह भी देखा जा रहा है कि किसान केवल अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए अपने कागज और दस्तावेज लाइन में लगाकर चले जाते हैं।


​समय और कार्य का नुकसानरू खाद के लिए रोजाना लाइन में लगने के कारण किसानों का बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है, जिससे उनका खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है। अन्नदाता को रोजमर्रा के सभी काम छोड़कर केंद्र के बाहर बैठना पड़ रहा है।


​सरकार की नाकामी: किसान समुदाय इस स्थिति को सीधे तौर पर भाजपा सरकार की विफलता बता रहा है। जिस सरकार ने किसानों के कल्याण की बात की थी, उसी के राज में किसान इतना दुःखी और परेशान दिखाई दे रहा है।


​दोहरी मार झेल रहा किसानः
​किसान पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, और यह खाद संकट उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। विनोद दक ने बताया कि ​फसलों की बर्बादी और कम भाव बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलें खराब हो रही हैं, जिससे उत्पादन कम हो रहा है। ऊपर से, किसानों को उनकी मेहनत और कम उपज का सही समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है।


​यूरिया के लिए तरसनाः अब दूसरी ओर, अपनी फसल को बचाने और अच्छी पैदावार के लिए जरूरी यूरिया खाद के लिए किसानों को रोजाना आस लगाए बैठना पड़ रहा है कि श्आज खाद मिलेगा, आज मिलेगा।

विनोद दक का कहना है कि सरकार की यह अनदेखी और अव्यवस्था किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरती दिख रही है। सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और खाद की आपूर्ति को व्यवस्थित करने की मांग करते हैं ताकि फसलों को समय पर खाद दे सकें और खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

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