चित्तौड़गढ़। हरीश आंजना स्नातकोत्तर महाविद्यालय, छोटी सादड़ी में शनिवार को भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हरीश आंजना एजुकेशन सोसायटी द्वारा किया गया, जिसमें महाविद्यालय परिवार सहित अनेक गणमान्यजन एवं अतिथिगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मार्तंडराव मराठा, संयोजककृगायत्री परिवार; विशिष्ट अतिथि भरत खटीक, जिला अध्यक्ष अंबेडकर जनक्रांति मंच; विशिष्ट अतिथि फिरदौस खान पठान, ब्लॉक अध्यक्ष,अल्पसंख्यक मोर्चा; कार्यक्रम अध्यक्ष एवं हरीश आंजना एजुकेशन सोसायटी के सचिव डॉ. जगन्नाथ सोलंकी तथा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दीपक मंडेला द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
अतिथियों ने कहा,बाबा साहेब समता, न्याय एवं शिक्षा के अग्रदूत मुख्य अतिथि मार्तंडराव मराठा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक समानता, शिक्षा और मानवाधिकारों के महान योद्धा थे। उन्होंने जीवन भर समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने के लिए संघर्ष किया।
विशिष्ट अतिथि फिरदौस खान पठान
ने कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय संविधान में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को शामिल कर राष्ट्र के समतामूलक निर्माण की नींव रखी। वे जाति प्रथा के कट्टर विरोधी थे और समाज सुधार के मार्गदर्शक रहे।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ सोलंकी
ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा साहेब भारतीय संविधान के निर्माता ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के महान नेता थे। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू (मध्यप्रदेश) में हुआ और उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित एवं शोषित वर्गों के उत्थान को समर्पित किया।
विशिष्ट अतिथि भरत खटीक
ने कहा कि भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने में डॉ. अंबेडकर की भूमिका सर्वाेपरि रही। उन्होंने जाति आधारित भेदभाव के विरोध में व्यापक आंदोलन चलाया और समान अधिकारों की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दीपक मंडेला
ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा साधन माना। उन्होंने वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
महाविद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर राहुल जोशी, कार्यालय अधीक्षक अजय कुमार यादव, प्रोफेसर भगवानलाल कामड़, नसरीन आरा, गोविंद रजक, काजल पवार, सहायक कर्मचारी चौथमल एवं नितेश सहित अनेक स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
मंच संचालन सपना बेस ने सुचारू एवं प्रभावी रूप से किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहेब के जीवन, सिद्धांतों और उनके संविधान निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए सामाजिक समरसता, समानता एवं शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया।