नीमच। जिले के मनासा में गोवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। राष्ट्रीय गोरक्षा दल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छह गोवंश को तस्करों से छुड़ाया गया और उन्हें सुरक्षित गौशाला पहुंचाया गया। इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
यह कार्रवाई शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मनासा-कंजार्डा मार्ग पर की गई। राष्ट्रीय गोरक्षा दल की टीम को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन से गोवंश की तस्करी की जा रही है। सूचना पर गौसेवकों ने संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया, परंतु तस्कर वाहन को तेज गति से भगा ले गए और आगे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए।
गौसेवकों ने तुरंत मनासा पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और गौसेवकों की मदद से एक आरोपी अन्नू मेडा, निवासी मोवड़ी फलिया, जिला झाबुआ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उसका साथी दिलीप मेडा, निवासी ओसवा फलिया, जिला झाबुआ अंधेरा पाकर मौके से भाग निकला।
राष्ट्रीय गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष लोकेश नागदा ने बताया कि मुक्त कराए गए गोवंश को धार जिले के समीप स्थित कानवन क्षेत्र में ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कानवन में छोटी गाड़ियों से गोवंश एकत्रित किए जाते हैं और फिर उन्हें बड़े कंटेनरों में भरकर बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है।
इस कार्रवाई में राष्ट्रीय गोरक्षा दल के जिलाध्यक्ष लोकेश नागदा, गौसेवक बिट्टू बना, विजयपाल सिंह चंद्रावत, दीपक मोदी सहित मनासा की गोरक्षा दल की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। मनासा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपी दिलीप मेडा की तलाश शुरू कर दी है।