सीहोर। जिले में प्याज के कम दाम मिलने से किसान परेशान हैं। रविवार को ग्राम तोरणिया के किसान मांगीलाल वर्मा अपनी प्याज की फसल पर फूट-फूट कर रो पड़े, क्योंकि उन्हें लागत भी नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय प्याज का भाव 10 रुपए प्रति कट्टी भी नहीं मिल रहा है। इससे उनकी लागत तो दूर, मजदूरी का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है।
किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ सोयाबीन की फसल अल्प वर्षा और बीमारी के कारण बर्बाद हो गई, वहीं दूसरी तरफ प्याज भी घाटे का सौदा साबित हुई है।
किसानों ने प्याज को फेंक दिया
बुजुर्ग किसान मांगीलाल वर्मा ने बताया कि उन्होंने पूरे खेत में प्याज बोई थी, जो अब बर्बाद हो गई है। उन्हें घर चलाने की चिंता सता रही है। कई किसानों ने गांव के बाहर, सड़कों पर और मंडियों में प्याज फेंककर भी अपना विरोध जताया है।
इस विरोध प्रदर्शन में राधेश्याम वर्मा, शेर सिंह, अशोक, देवकरण सहित सैकड़ों किसानों ने प्याज की माला पहनकर सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की अपील की।
एक दिन पहले भी किया था प्रदर्शन
एक दिन पहले शनिवार को किसानों ने प्याज की माला पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम तोरणिया और आसपास के क्षेत्रों से सामने आई इन तस्वीरों में किसान अपनी बेबसी जाहिर कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन किसान और समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में शुरू हुआ। किसानों की मुख्य मांग है कि प्याज को भावांतर योजना के तहत खरीदा जाए और उन्हें सही दाम मिले।