उज्जैन। जिला आयुष अधिकारी डॉ. मनीषा पाठक ने बताया कि शासकीय आयुर्वेद औषधालय करोहन के द्वारा ग्राम पिपलियाराघो में स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र जैन ने उपस्थित जनों को हेमंत ऋतुचर्या के बारे में बताया कि हेमंत ऋतु भारत में शीत ऋतु (नवम्बर - जनवरी) के आगमन के साथ प्रारंभ होती है। यह अपने साथ पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लाती है। इस ऋतु में मनुष्य की पाचन शक्ति व शारीरिक शक्ति चरम पर होती है। हेमंत ऋतु में संतुलित ऋतुचर्या का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऋतु में आयुर्वेद के अनुसार खट्टे, मीठे, नमकीन स्वाद वाले गरिष्ठ और स्निग्ध भोजन का सेवन करना चाहिए, जैसे दूध ,घी ,गुड़, नए चावल, उड़द की दाल, तिली से बने व्यंजन सेवन, मसालों में काली मिर्च दालचीनी, हल्दी, लौंग को विशेष रूप से प्रयोग करना चाहिए। जीवन शैली में गर्म तेल से मालिश करना,धूप सेकना, गर्म वस्त्र पहनना और गर्म स्थान पर रहना शामिल है, जिससे कफ दोष का संतुलन बना रहे और वात न बढ़े।
शिविर में डॉ. इरफान खान ने मधुमेह से बचाव के उपाय बताएं। नर्सिंग ऑफिसर मिथिलेश शर्मा ने हैंड हाइजीन के बारे में जानकारी साझा की। शिविर में 112 रोगियों का परीक्षण कर निशुल्क आयुर्वेद औषधियां का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रधान अध्यापक अजय शर्मा, वंदना शर्मा, संगीता सरिया, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अब्दुल मुनाफ दवासाज का विशेष सहयोग रहा।