खरगोन। जिले के कसरावद तहसील के औद्योगिक क्षेत्र नीमरानी स्थित इंडस मेगा फूड्स कंपनी द्वारा रसायनयुक्त पानी छोड़े जाने की शिकायत ग्रामीणों एवं किसानों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर की गई। जिसको लेकर प्रदूषण विभाग के उपयंत्री अंकित बघेल मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाया।
शिकायतकर्ता अंकित पाटीदार ने बताया कि इंडस मेगा कंपनी द्वारा रसायन वाला गंदा पानी कंपनी के बाहर छोड़ा जा रहा है जो कि तालाब में जाता है और वहां से नाले के माध्यम से सात माता मंदिर पानवा होते हुए नर्मदा नदी में जाकर मिल रहा हे जिससे नर्मदा मैया का जल भी दूषित हो रहा हे और जमीनें भी खराब हो रही है। पाटीदार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कंपनी प्रबंधन को गंदा पानी बाहर ना छोड़ने के लिए कई बार मना किया लेकिन कंपनी प्रबंधन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
सात माता मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक मेवाड़े ने बताया कि इंडस मेगा कंपनी के द्वारा छोड़ा गया रसायनयुक्त पानी नाले के माध्यम से क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक एवं पवित्र कुंड सात माता मंदिर में आता हे जहां सैकड़ों लोग स्नान के लिए आते है। लोग अपनी बीमारियों के इलाज के लिए पवित्र कुंड सात माता मंदिर आते हे लेकिन केमिकल जैसे पानी की वजह से दाद खाज, खुजली जैसी समस्याएं बढ़ रही है। इससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है।
आपको बता दे कि ग्राम पानवा का सात माता मंदिर क्षेत्र का सबसे बड़ा धार्मिक एवं पवित्र आस्था कुंड हे जहां प्रतिदिन सैकड़ों एवं प्रति मंगलवार हजारों लोग अपनी बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए कुंड में स्नान के लिए आते है। वही किसान एवं पशुपालक भी दूषित जल की वजह से परेशान है। पशु दूषित पानी पीने को मजबूर है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो क्षेत्रीय जमीनो की उपजाऊ क्षमता खत्म हो जाएगी और लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाएंगे। वही संबंधित कंपनी द्वारा अनुपयोगी मटेरियल को कंपनी के बाहर प्लास्टिक थैलियों में भरकर फेंका जा रहा हे जिसे पशु खाने का प्रयास करते हे ओर प्लास्टिक पन्नियो सहित मटेरियल को निगल जाते हे जिससे उनकी मौत होना संभव है।
प्रदूषण विभाग के अधिकारी मौके पर आए और पंचनामा बनाया। लेकिन पत्रकारों के सवालों के जवाब देने से बचते हुए नजर आए। वही कम्पनी के प्रबंधन अधिकारी सरस साहनी ने पत्रकारों से बात करने से इंकार कर दिया। अब देखना यह हे के प्रदूषण विभाग इस मामले, कोई कार्यवाही,करता,हे या फिर पहले की तरह महज औपचारिकता निभा कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है।