नीमच। जिले के तहसील मनासा अंतर्गत गांव उचेड में सूचना के अधिकार आरटीआई के मामलों में गंभीर लापरवाही की शिकायत सामने आई है। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला अंतर्गत गांव अचारी निवासी उदयलाल पाटीदार ने पंचायत से वर्ष 2022 से 2025 तक की कैशबुक, बाउचर फाइल, निर्माण कार्यों के दस्तावेज और मनरेगा से जुड़े अभिलेख मांगे थे। लेकिन पंचायत द्वारा तय समय सीमा में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। सूचना न मिलने पर आवेदक ने 06 अक्टूबर 2025 को जनपद पंचायत मनासा के कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर की, परंतु वहां भी नियमानुसार सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज़ आवेदक ने मामला आगे बढ़ाते हुए 17 नवंबर 2025 को राज्य मुख्य सूचना आयोग, भोपाल में द्वितीय अपील प्रस्तुत की है। प्रकरण में लगातार हो रही देरी और सूचना न देने की इस प्रक्रिया को उदय लाल पाटीदार ने जनसुनवाई में आवेदन देकर स्पष्ट प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए नीमच कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। आवेदक का कहना है कि पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड और निर्माण कार्यों से जुड़ी जानकारी को जानबूझकर छुपाया जा रहा है, जो पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।सूचना के अधिकार की अनदेखी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं और अब नज़र प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।