नीमच। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में जिलेभर में अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना मनासा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले दो शातिर आरोपियों को मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर, खुद को फर्जी पुलिसकर्मी बताकर लोगों से रुपये ऐंठने का गिरोह चला रहे थे। इन्हीं आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। दिनांक 08 दिसंबर 2025 को थाना मनासा पर सूचना प्राप्त हुई कि मोहित पाटीदार (18 वर्ष) निवासी ग्राम बर्डिया जागीर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 76/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान ग्रामीणों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि 07 दिसंबर 2025 को दो व्यक्ति सफेद टाटा फॉन्क्स कार से गांव पहुंचे थे। उन्होंने मृतक को इंस्टाग्राम पर एक लड़की की आईडी से हुई चौटिंग दिखाकर डरा-धमकाकर रुपये की मांग की और खुद को पुलिसकर्मी बताया। प्रताड़ना से व्यथित होकर मोहित ने आत्महत्या कर ली। मामले में थाना मनासा पर अपराध क्रमांक 528/2025, धारा 204, 308(2), 108, 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई-
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी-
- पंकज धनगर पिता बोथलाल धनगर (28 वर्ष), निवासी ग्राम भाटखेड़ी, थाना मनासा
- कैलाश रैगर पिता जगन्नाथ रैगर (45 वर्ष), निवासी ग्राम भाटखेड़ी, थाना मनासा

आरोपियों का अपराध रिकॉर्ड-
पंकज धनगर इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाकर युवकों को जाल में फंसाता था। बाद में साथी कैलाश रैगर उसके “परिजन” और “फर्जी पुलिसकर्मी” बनकर धमकी देकर पैसे वसूलते थे। आरोपियों ने मंदसौर और रतलाम जिलों में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात स्वीकार की है।

जप्त सामग्री-
घटना में प्रयुक्त टाटा फॉन्क्स कार
दो मोबाइल फोन

सराहनीय भूमिका-
थाना प्रभारी निरीक्षक शिव रघुवंशी, उप निरीक्षक तेज सिंह सिसौदिया, प्रआर गुड्डू लाल गुर्जर, नरेंद्र मालवीय, प्रआर प्रदीप शिंदे (सायबर सेल), आरक्षक कमल गुर्जर और हेमंत सिंह की भूमिका सराहनीय रही।
