चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ के सचिव सुनील कुमार गोयल एवं राजेन्द्र प्रसाद शर्मा अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर प्रयास संस्थान के तत्वाधान में रितुराज वाटिका, चित्तौड़गढ़ में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव गोयल द्वारा बताया गया कि इस अवसर का उद्देश्य बुनियादी मानवाधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा और सशक्तिकरण की आवश्यकता को याद दिलाना है. यह इस बात पर जोर देता है कि सभी व्यक्तियों की गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करना वैश्विक मानवता के भविष्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है, मानवाधिकार दिवस पर संयुक्त राष्ट्र समानता, स्वतंत्रता और सभी के लिए सम्मान को बढ़ावा देता है, इस दिन दुनिया भर में कई मानवीय कार्यक्रम, गतिविधियां, चर्चाएं और अभियान आयोजित किए जाते हैं ताकि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके एवं मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणापत्र उन मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं की एक विस्तृत श्रृंखला निर्धारित करता है जिनके हम सभी हकदार हैं। यह राष्ट्रीयता, निवास स्थान, लिंग, राष्ट्रीय या जातीय मूल, धर्म, भाषा, या किसी अन्य स्थिति के आधार पर भेदभाव किए बिना, हर व्यक्ति के अधिकारों की गारंटी देता है। राजेद्र प्रसाद शर्मा(अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत) ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के द्वारा संचालित राज्यव्यापी अभियान ‘न्याय आपके द्वार -लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ और त्वरित समाधान‘ के संबंध में जानकारी प्रदान की एवं परिवेदनाएं प्राप्त की। भारती गहलोत पैनल अधिवक्ता एवं काउंसलर द्वारा भी उपस्थित जनों को मूलभूत अधिकारों जैसे जीवन का अधिकार स्वतंत्रता और समानता का अधिकार विचार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता गोपनीयता का अधिकार आदि के बारे में जानकारी प्रदान की। इस दौरान प्रयास संस्थान के संचालक रामेश्वर शर्मा, अधिवक्ता भारती गहलोत, आयुषी और विधि प्रशिक्षणार्थी हितेंद्र राजावत आदि उपस्थित रहे।